Gujarat

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार इस काम को करने के प्रयास में है कि उनके राज्य में वापस लौटकर आए श्रमिकों को राज्य से बाहर काम करने के लिए नहीं जाना पड़े।

कोरोना महामारी से निपटने के लिए गुजरात में अब सरकार ने राज्य व्यापी अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान को 'मैं भी कोरोना वॉरियर' के शीर्षक के साथ शुरू किया गया है।

भारत जिस वक्त 52वां गणतंत्र दिवस मना रहा था, सुबह पौने नौ बजे गुजरात का भुज भूकंप से हिल उठा। धरती की कंपकंपी सिर्फ दो मिनट की ही थी, लेकिन इसी दो मिनट में सब खत्म।

कोरोना से लड़ाई में गुजरात उपलब्धियों के नए कीर्तिमान बना रहा है। गुजरात में कोरोना के मरीज़ बेहद तेज गति से ठीक हो रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में कोरोनावायरस के अब तक 70,756 मामले सामने आने की जानकारी दी है।

डॉक्टरों का ऐसा कहना है कि क्योंकि कांग्रेस विधायक बिना मास्क लगाए ही मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से मिलने पहुंचे थे और वे पहले से ही कोरोना संक्रमित थे।

दरअसल ये लोग उन्हें वापस उनके घर भेजने की व्यवस्था करने की मांग कर रहे थे। अपने उग्र प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने कई वाहन भी फूंक डाले। पुलिस ने आगजनी करने वालों को खदेड़कर स्थिति को अपने काबू में ले लिया। बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना सूरत के लसकाना इलाके की है।

लॉकडाउन के दौरान पूरा देश मानो ठहर सा गया है जो जहां है वहीं रूका हुआ है। लोग अपनों से दूर हैं तो उनके लिए परेशानी और ज्यादा बड़ी है।

गुजरात में बुधवार सुबह चार और कोरोनोवायरस पॉजिटिव मामले सामने आए। वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि दो और मौतों के साथ राज्य में कुल मौत का आंकड़ा बढ़कर 16 हो गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में अपील की थी कि वे देश की सेवा में लगे कोरोना योद्धाओं के जज्बे को सलाम करें। इसके लिए लोग रविवार को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए दीया जलाएं।