Health

हर लड़की का सपना होता है लंबे, घने और सिल्की बाल का। लेकिन बदलते लाइफस्टाइल के चलते आप अपने बालों का ख्याल नहीं रख पाते। जिससे बाल झड़ने,रूसी और रूखे बालों की समस्या हो जाती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे अपना सकते है।

गृहमंत्री अमित शाह ने आगे कहा, "परंतु मेरी पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं और मेरे शुभचिंतकों ने विगत दो दिनों से काफी चिंता व्यक्त की, उनकी चिंता को नजरअंदाज नहीं कर सकता। इसलिए मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं पूर्ण रूप से स्वस्थ हूं और मुझे कोई बीमारी नहीं है।"

कैंसर एक खतरनाक बीमारी है। इसके बारे में महत्वपूर्ण और खतरनाक बात यह है कि इसका पता आमतौर पर काफी लेट चलता है और इस कारण इसके इलाज में कई कॉम्पलिकेशन्स आते हैं।

केजीएमयू लारी के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अक्षय प्रधान ने कहा, "हृदय रोगी कोविड-19 संक्रमण से डरे नहीं बल्कि सचेत रहें। इसके मरीजों को चाहिए कि वह कोरोना का अधिक भय न रखें। नियमित दवा लें, योग-व्यायाम भी करते रहें। साथ ही अन्य लोगों की तरह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने पर कोरोना उन्हें छू भी नहीं पाएगा।"

केजीएमयू लखनऊ के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष और कोरोना टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. सूर्यकान्त ने बताया कि "धूम्रपान से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिसके चलते कोरोना जैसे वायरस आसानी से ऐसे लोगों को अपनी चपेट में ले लेते हैं। इसके अलावा बीमारी की चपेट में आने पर ऐसे लोगों के इलाज पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।"

उन्होंने बताया,"शरीर में नीले निशान बन जाते हैं। जोड़ों में सूजन आना और रक्तस्राव होना। अचानक कमजोरी आना और चलने में तकलीफ होना। नाक से अचानक खून बहना भी इसके ही लक्षण है। यदि यह रक्तस्राव रोगी की आंतों में अथवा दिमाग के किसी हिस्से में शुरू हो जाये तो यह जानलेवा भी हो सकता है। इसका इलाज जल्द से जल्द होना अति आवश्यक है।"

डॉ. सुजाता ने बताया कि, गर्भवस्था के समय महिलाओं को अपने भोजन में काबरेहाईड्रेट, फैट, प्रोटीन, विटामिन, हाई फाइबर व मिनरल्स आदि को शामिल कर संतुलित भोजन का सेवन करना चाहिए। साथ ही प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ जैसे विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ, अखरोट, बादाम, सुपर फूड जैसे हल्दी, अदरख, लहसुन आदि का सेवन करना चाहिए।

राजधानी स्थित जैसवार ने बताया, "कोरोनावायरस मां के दूध में नहीं पाया जाता परन्तु खांसने या छींकने पर बूंदों और एरोसेल के माध्यम से फैलता है। यदि मां पूरी सावधानी के साथ अपने स्वच्छता व्यवहार पर ध्यान दें तो स्तनपान करने पर भी संक्रमण से बचा जा सकता है।"

आज कल की बिजी लाइफस्टाइल में हमें हैल्दी रहने के लिए प्रोटीन और विटामिन की काफी जरूरत होती है। दोनों में से किसी की भी कमी अगर हमारे शरीर में होती है तो इससे हेल्थ प्रॉब्लम बढ़ने का खतरा होता है।

स्वास्थ्य सुख है और रोगी होना दुख। यह मान्यता भारतीय आयुर्विज्ञान की है। संक्रामक रोगों के रोगी को अलग रखे जाने की जरूरत अथर्ववेद के रचनाकाल में भी थी।