Health

नेचर डिजिटल मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मैडिसन और मोरग्रीज इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च के शोधकर्ता दवा को अमल में लाने के लिए यूरिन (मूत्र) में पाए जाने वाले मेटाबोलिक हेल्थ इन्फॉर्मेशन पर काम कर रहे हैं।

एक बयान में बताया गया है कि आयुर्वेदिक फार्मूले से बनी इस आधुनिक दवा के प्रभाव को वैज्ञानिक आकलन के आधार पर प्रमाणित किया जा चुका है। इस बीमारी के गंभीर मरीजों के इलाज में इस दवा को पूरक औषधि के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

व्यस्त स्थानों, भीड़भाड़ भरे इलाकों या कन्सट्रक्शन साईट के नजदीक न जाएं। अगर सांस लेने में तकलीफ हो, बहुत ज्यादा खांसी हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

वर्ष 2015 के दौरान आकस्मिक चोटों के कारण 4.13 लाख लोगों की जान चली गई और 1.33 लाख लोगों की आत्महत्या के कारण मृत्यु हो गई। भारत में दिव्यांगों की कुल संख्या 2.68 करोड़ बताई गई है।

स्वास्थ्य खराब होने के लिए कई बार स्मार्टफोन को जिम्मेवार ठहराया जाता है, लेकिन दिल के मरीजों पर इस डिवाइस का सकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि एक साधारण ऐप निर्धारित अवधि के लिए इन रोगियों को अपनी दवा लेने में मदद करने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है, जिससे समय से पहले मौत के खतरे को कम किया जा सकता है।

देश में पिछले फसल वर्ष में अलसी का उत्पादन 1.59 लाख टन था, जबकि आगामी रबी सीजन में सरकार ने इसका उत्पादन बढ़ाकर 2.03 लाख टन करने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाने पर यह गठिया का रूप ले लेता है। ध्यान न देने पर घुटना, कूल्हा आदि इंप्लांट करने की भी नौबत आ जाती है।

भारत में अंधता और दृष्टि क्षीणता की वर्तमान स्थिति के बारे में पूर्णतया जानकारी हासिल करने के लिए यह सर्वेक्षण आयोजित किया गया था। इसकी योजना केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बनाई गई थी।

हालांकि ना तो उन्होंने और ना ही उनकी रिपोर्ट में बच्चों को कम्प्यूटर, टीवी, मोबाइल या अन्य स्क्रीन डिवाइसेज पर कम समय बिताने की सीधे तौर पर सलाह दी गई है। सिर्फ ज्यादा शारीरिक परिश्रम और आउटडोर गतिविधियों पर फोकस किया गया है।

दूध और डेयरी प्रॉडक्ट्स में केवल कैल्शियम ही प्रचुर मात्रा में नहीं होता बल्कि इसके अलावा प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटैशियम, जिंक, सेलेनियम, विटमिन ए, रिबोफ्लेविन, विटमिन बी12 और पैंटोथैनिक ऐसिड जैसे पोषक तत्व जो कि शरीर के बुनियादी विकास के लिए बेहद जरूरी हैं, पाए जाते हैं।