IMF

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने हाल में यह चेतावनी दी थी कि आईएमएफ जनवरी में भारत की वृद्धि के अपने अनुमान में उल्लेखनीय कमी कर सकता है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि हाल के वर्षों में भारत की उच्च विकास दर के बावजूद औपचारिक क्षेत्र के रोजगार में उस हिसाब से वृद्धि नहीं हुई। यानी आर्थिक वृद्धि दर और रोजगार वृद्धि दर में मेल नहीं है और श्रम बाजार की भागीदारी घटी है।

आईएमएफ के मुताबिक आरबीआई मौद्रिक नीति के रेपो रेट में कटौती के फैसलों और कॉरपोरेट टैक्‍स के मोर्चे पर राहत की वजह से भारत में निवेश तेज होने की उम्मीद है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चालू वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अपना अनुमान घटाकर छह फीसदी कर दिया है। इससे पहले आईएमएम ने जुलाई में कहा था कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर सात फीसदी रह सकती है।

आईएमएफ की तरफ से जारी बयान के अनुसार, जॉर्जीएवा का चयन 189 देशों के सदस्यों वाली संस्था के 24 सदस्यीय कार्यकारी बोर्ड ने किया। इसकी चयन प्रक्रिया 26 जुलाई, 2019 को शुरू हुई थी। उनकी नियुक्ति एक अक्टूबर से प्रभावी होगी।

IMF और विश्व बैंक के मुताबिक बढ़ता कर्ज और खराब हालात से मुसीबत बढ़ सकती है। दोनों संस्थाओं ने चीन के विकासशील देशों पर बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कही है। बता दें कई विकासशील देशों को चीन ने भारीभरकम कर्ज दिया हुआ है।

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