Import

कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते भारत से चीन को रूई और धागे का निर्यात ठप पड़ गया है और कपड़ा उद्योग में इस्तेमाल होने वाला रासायनिक पदार्थ व एसेसरीज आइटम का आयात नहीं हो रहा है, जिससे घरेलू कपड़ा उद्योग पर असर पड़ा है।

चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप गहराने से दुनियाभर के बाजारों में मंदी का माहौल है, जिससे कृषि उत्पाद बाजार भी प्रभावित हुआ है।

इस साल की शुरुआत में घरेलू इक्विटी और डेब्ट बाजार में डॉलर की आमद बढ़ने के कारण रुपये में जबरदस्त मजबूती रही, लेकिन अब विपरीत स्थिति पैदा हो गई है।

ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मोहित सिंगला ने कहा, "उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं और उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तुएं जैसे इलेक्ट्रॉनिक गुड्स, फार्मा, मरीन और टेक्सटाइल्स में जुलाई 2019 के महीने में निर्यात में 2.25 फीसदी की वृद्धि हुई है।"

पाकिस्तान से भारत का आयात इस वर्ष मार्च में घट कर 28.4 करोड़ डालर के बराबर रहा जबकि मार्च 2018 में यह आंकड़ा 3.5 करोड़ डालर था।

मई में तेल का आयात कुल 12.44 अरब डॉलर का रहा, जोकि डॉलर के संदर्भ में 2018 के मई की तुलना में 8.23 फीसदी अधिक है। पिछले साल मई में कुल 11.50 अरब डॉलर के तेल का आयात किया गया था।

मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में कुल आयात 507.44 अरब डॉलर रहा जबकि उसके पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में आयात 465.58 अरब डॉलर था।

अमेरिकी प्रतिबंध का सामना कर रहे वेनेजुएला ने अभी हो रहे तेल आयात के बारे में भारत के सामने प्रस्ताव रखा है कि उसे इसका पेमेंट रुपये में किया जाए। भारत इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।

कोलकाता। देश के चाय उत्पादन में जुलाई में करीब 6.7 फीसदी की अनुमानित गिरावट दर्ज की गई, जो 15.13 करोड़...