Imran Khan

कोरोना को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने खुद ही संकेतों में कहा है कि उनके देश के सामने एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई वाली स्थिति पैदा हो गई है।

प्रधानमंत्री इमरान खान को जिस बात का अंदेशा था, वही पाकिस्तान में होता दिख रहा है। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन में रोजाना कमाकर खाने वाली बड़ी आबादी के सामने भुखमरी का संकट आ खड़ा हुआ है।

खबर है कि पाकिस्तान में जारी लॉकडाउन के बीच इमरान सरकार हिंदुओं को राशन नहीं दे रही है। जबकि मुसलमानों को राशन और जरूरी सामान दिया जा रहा है। ऐसा सिंध प्रांत के कराची शहर में हो रहा है। जिससे एक बार फिर पाकिस्तान का दोहरा रवैया सामने आया है।

कोरोना वायरस की महामारी के मद्देनजर पाकिस्तान ने सभी शिक्षण संस्थानों को 31 मई तक बंद रखने का फैसला किया है। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इस आशय का फैसला राष्ट्रीय समन्वय समिति की बैठक में लिया गया

पाकिस्तान में कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच इसके स्थानीय संक्रमण के कारण पहली मौत होने ने चिंता को काफी बढ़ा दिया है। इस बीच, देश में कोरोना वायरस से ग्रस्त रोगियों की संख्या हजार को पार कर गई है। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में बुधवार अपरान्ह तक कोरोना वायरस के कुल 1039 मरीज सामने आए हैं

पाकिस्तान बर्बादी की कगार पर है। कोरोना के बड़े संक्रमण का खतरा पाकिस्तान में बढ़ता ही जा रहा है। पाकिस्‍तान में इमरान सरकार के लॉकडाउन करने से इनकार करने ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है।

कोरोनावायरस के चलते चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पेइचिंग में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के साथ इस मामले में बात की। उन्होंने बल देते हुए कहा कि वर्तमान में कोविड-19 महामारी विश्व में फैल रही है। विभिन्न देशों को एक साथ मिलकर इसका मुकाबला करना चाहिए।

इससे पहले कोरोनावायरस को लेकर पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में प्रस्ताव देते हुए सार्क देशों को एक साथ मिलकर काम करने की बात कही थी, और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करने का प्रस्ताव दिया था।

कोरोनावायरस के प्रकोप के बीच पाकिस्तान का डर सामने आया है। पाकिस्तान ने कोरोनावायरस को लेकर भारत से साथ काम करने के संकेत दिए हैं।

कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को 1.6 से 6.1 करोड़ डॉलर तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने एक अनुमानित रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी है।