India-China-border

LAC face off : पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी (Galwan Valley) में बीते 15 जून को भारत और चीनी (India-China border Faceoff) सैनिकों के बीच में हिंसक झड़प हुई थी। इस खूनी संघर्ष में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे। लेकिन चीन ने पहली बार इस झड़प में अपने मारे गए सैनिकों की संख्या बताई है।

सीमा विवाद के बीच चीन (China) लगातार नापाक सजिशों को अंजाम देने में लगा हुआ है। सीमा से इतर चीन की ओर से एक प्रोपगेंडा भी चलाया जा रहा है, ताकि भारत की छवि को बिगाड़ा जा सके।

चीनी आक्रामकता का जवाब देने के लिए भारत ने पड़ोसी देश के साथ लगती सीमा पर और 35 हजार सैनिक बढ़ाने का फैसला किया है।

आपको बता दें पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ भारतीय जवानों की हिंसक झड़प हुई थी। इस झड़प में कर्नल संतोष बाबू समेत 20 जवान शहीद हो गए थे। कर्नल बाबू 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग अफसर थे।

भारत-चीन सीमा विवाद के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का लद्दाख दौरा तय हुआ था लेकिन उसे एक दिन पहले ही कैंसिल कर दिय गया था।

6 जून को कोर कमांडर स्तर की पहली वार्ता में बनी सहमति के मुद्दों पर कार्यान्वयन को मौजूदा गतिरोध के हल के लिए भारत जरूरी मान रहा है।

सेना और भारतीय वायु सेना ने चीन के किसी भी दुस्साहस से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए एलएसी पर अपनी अभियानगत तैयारियों को पहले ही तेज कर दिया है।

लद्दाख की गलवन घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद अब भारतीय सेना और सख्त हो गई है। सेना ने चीन से लगी सभी सीमाओं के अग्रिम मोर्चो पर तैनाती बढ़ा दी है।अब चीनी सैनिकों को कोई भी कदम उठाने से पहले दस बार सोचना सोचना होगा, क्योंकि भारतीय सेना इस मोर्चे पर कोई कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। इतना ही नहीं कई सीमावर्ती गांवों को भी खाली कराया जा रहा है।

जहां भारत के सैनिकों के पराक्रम को पूरी दुनिया सलाम कर रहा है वहीं चीन की इस धोखेबाजी के लिए हर मंच से उसकी फजीहत हो रही है।

इस लेख में लिखा गया है कि पर्वतारोहण भारतीय सेना का अनिवार्य गुण है। भारतीय सेना का हर जवान इसमें कुशल होता है। भारत ने बड़ी संख्या में प्रोफेशनल पर्वतारोहियों को भर्ती किया है, इसमें प्राइवेट सेक्टर के भी पर्वतारोही शामिल हैं।