Indian Air force

अंबाला एयरबेस पर आयोजित समारोह में आज यानी 10 सितंबर को लड़ाकू विमान राफेल भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया है। इस दौरान सर्वधर्म पूजा भी हुई और पानी की बौछारों से राफेल को सलामी दी गई। इस भव्य कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली, चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ जनरल बिपिन रावत, वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया और रक्षा सचिव अजय कुमार शामिल हुए।

एक तरफ जहां सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन (India & China) के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच भारत को कल यानी कि 10 सितंबर से लड़ाकू विमान राफेल (Rafale Jet) की ताकत मिलने जा रही है।

लड़ाकू विमान राफेल (Rafale) को अंबाला एयरबेस (Ambala Airbase) में तैनात किया गया है। एयर मार्शल मानवेन्द्र सिंह (Air Marshal Manvendra Singh) ने अंबाला में उड़ने वाले कबूतरों को राफेल के लिए खतरा बताया है। जिसकी सुरक्षा के मद्देनजर एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह ने हरियाणा के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखी है।

लद्दाख (Laddakh) में भारतीय सेना (Indian Army) अब और भी सतर्क हो गई है। भारतीय सेना ने चीन (China) को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सैन्य ताकत और बढ़ा दी है।

दरअसल भारत-चीन तनाव को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्र में किसी भी संभावित युद्ध की तैयारी के लिए वायुसेना के पायलट हिमाचल प्रदेश में राफेल जेट के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं।

फ्रांस के शहर बोर्डेऑस्क में मैरीग्नेक वायुसेना अड्डे से रवाना हुए ये विमान लगभग सात हजार किलोमीटर का सफर तय करके अंबाला वायुसेना एयरबेस पर पहुंचेंगे।

सूत्रों ने कहा गलवान घाटी में भारतीय क्षेत्र पर अब चीनी सैनिक नहीं हैं। जानकारी दी कि चीनी सैनिकों द्वारा बनाए गए अस्थायी ढांचे हटाए गए हैं।

आपको बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी। वायुसेना ने बालाकोट स्थित पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद के अड्डों को तबाह कर दिया था।

भारत को फ्रांस अगले महीने 6 राफेल विमान देनेवाला है। चीन से एलएसी पर तनाव के बीच भारतीय वायुसेना को राफेल लड़ाकू विमान की पहली खेप 27 जुलाई को मिलने जा रही है।

भारत और चीन के बीच सीमा पर चल रहे विवाद के बीच भारतीय वायु सेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया लेह और श्रीनगर के दो दिवसीय दौरे पर थे।