Indian History

आदि कवि वाल्मीकि ने भारतीय इतिहास के मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम का चरित्र चित्रण किया। रामकथा की धूम मच गई। ऐसा पुरूषोत्तम बस एक है। विश्व इतिहास में श्रीराम जैसा दूसरा महानायक नहीं है। वह इतिहास में हैं, इतिहास से परे।

ऋग्वेद के रचनाकाल के पहले भी एक संस्कृति थी, सभ्यता थी और दर्शन भी था। ऋग्वेद में उपलब्ध संस्कृति व सभ्यता के तत्व पूर्व वैदिक काल का विस्तार हैं।

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता लगातार भाजपा सरकार पर इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप लगाते रहे हैं। जबकि देश में आजादी...