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कोरोनावायरस महामारी (Novel Coronavirus) के बीच भारतीय रेलवे (Indian Railway) आपकी यात्रा को थोड़ा और सुगम बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है।

कोरोना महासंकट के बीच भारतीय रेलवे (Indian Railway) के इतिहास में पहली बार ट्रेनों के साथ ऐसा कुछ होने जा रही है जिसे जानकर आप सभी अचरज में पड़ जाएंगे।

रेलवे ने एक बयान में कहा, ‘‘सभी संबंधित पक्षों के संज्ञान में लाया जाता है, जैसा पहले ही निर्णय लिया गया है और सूचित किया गया है कि नियमित यात्री और लोकल ट्रेन सेवाएं अगले नोटिस तक निलंबित रहेंगी।’’

आपको बता दें कि रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में गुरुवार को आदेश जारी किया है। रेलवे बोर्ड ने आदेश में कहा है कि टेलीफोन अटेंडेंट सह डाक खलासी (टीएडीके) संबंधी मामले की समीक्षा की जा रही है।

रेलवे के मुताबिक, ऐसे पोस्ट कोविड कोच बनाने में लगभग 6-7 लाख रुपये का खर्च आता है और योजना के तहत इस प्रकार का बदलाव बड़े स्तर पर रेल कोच में किया जाएगा।

भारतीय रेलवे अपने नाम एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रही है। बता दें कि कश्मीर में इंडियन रेलवे भारत का पहला केबल रेल ब्रिज बना रहा है। कटरा-बनिहाल रेलवे ट्रैक पर देश का पहला केबल रेल पुल बन रहा है।

पूर्वी लद्दाख स्थित गलवान घाटी में भारत और चीन सैनिकों के बीच 15-16 जून की दरमियानी रात हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, इस घटना में चीन के भी 43 जवान हताहत हुए थे।

रेलवे ने बताया है कि इन 44 सेमी हाईस्पीड ट्रेन सेट का टेंडर 10 जुलाई को खोला जाएगा। रेलवे ने यह भी साफ किया है कि इस टेंडर की तारीख को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

भारतीय रेलवे ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण की दिशा में भारतीय रेल हमेशा प्रयासरत रही है।

भारतीय रेलवे देश ने एक सफलता हासिल की है। कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बीच फंसे हुए मजदूरों और नागरिकों के लिए सबसे पहले रेलवे ने ही सेवा शुरू की। इस बीच भारतीय रेल ने इतिहास रच दिया।