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पीयूष गोयल ने ट्वीट कर लिखा, 'मेरी सभी नागरिकों से अपील है कि गंभीर रोग से ग्रस्त, गर्भवती महिलाएं, व 65 से अधिक व 10 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में बहुत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।'

भारतीय रेलवे ने रविवार को दावा किया कि उसने 2,813 श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाई हैं, जिससे अब तक 37 लाख से अधिक यात्रियों को भेजा गया है।

रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष विनोद कुमार यादव ने कहा कि सामान्य स्थिति की ओर लौटने के प्रयास में रेल मंत्रालय 1 जून से 200 मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चलाएगा। उन्‍होंने बताया कि पिछले चार दिनों से औसतन प्रतिदिन 260 श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन चलाई जा रही हैं और प्रतिदिन तीन लाख श्रमिक इनका फायदा उठा रहे हैं।

बता दें कि यह ट्रेन 21 मई को शाम 7 बजकर 20 मिनट पर मुंबई के वसई स्टेशन से चली थी। श्रमिक एक्सप्रेस को 22 मई को गोरखपुर पहुंचनी थी, लेकिन गोरखपुर ना पहुंचकर ट्रेन ओडिशा के राउरकेला पहुंच गई।

उन्होंने कहा कि गुरुवार तक रेलवे ने 2,317 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है और देश भर में 31 लाख से अधिक लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया है। रेलवे ने कई शहरों में 15 जोड़ी विशेष वातानुकूलित ट्रेनों का संचालन भी शुरू कर दिया है।

आदित्यनाथ के साथ रेलमंत्री की टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान देश के कई हिस्सों में फंसे हुए प्रवासी कामगारों के परिवहन के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की संख्या को दोगुना करने पर चर्चा हुई।

अब लॉकडाउन में जैसे-जैसे ढील दी जा रही है, वैसे-वैसे बाकी सेवाओं को भी शुरू किया जा रहा है। बता दें कि देश में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने को लेकर 17 मई तक लॉकडाउन लागू है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ट्वीट कर सरकार के फैसले का स्वागत किया और कहा, "हम एक राज्य से दूसरे राज्य में यात्री ट्रेनों के संचालन को एहतियात के साथ शुरू करने के सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं। सड़क परिवहन और हवाई सेवाओं को भी शुरू किया जाना चाहिए।"

इन 15 स्पेशल ट्रेनों की टिकट बुकिंग केवल ऑनलाइन होगी, जो IRCTC की वेबसाइट से की जा सकेगी। स्टेशनों के टिकट काउंटर अभी बंद ही रहेंगे, प्लेटफॉर्म टिकट भी नहीं मिलेगा।

भारतीय रेलवे की योजना है कि 12 मई, 2020 से यात्री ट्रेन संचालन को धीरे-धीरे फिर से शुरू किया जाए, शुरुआत में 15 जोड़ी ट्रेनों (30 वापसी यात्रा) के साथ।