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अगर कैग के इस आंकडे़ को आसान भाषा में समझें तो  रेलवे 98 रुपये 44 पैसे लगाकर सिर्फ 100 रुपये की कमाई कर रही है। यानी कि रेलवे को सिर्फ एक रुपये 56 पैसे का मुनाफा हो रहा है जो व्यापारिक नजरिए से सबसे बुरी स्थिति है।

रेलवे के निजीकरण की चर्चाओं के बीच रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे भारत और भारतीयों की संपत्ति है और आगे भी रहेगी।

भारतीय रेलवे ने मधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड (एमईएलपीएल) के साथ खरीद-सह-रखरखाव समझौते पर हस्‍ताक्षर किए हैं, जो भारतीय रेलवे और मेसर्स अल्‍सटॉम का एक संयुक्‍त उद्यम है।

ये ट्रेन नई दिल्ली से यूपी और बिहार दोनों ही जगहों के महत्वपूर्ण स्टेशनों के लिए चलाई जा रही हैं। इनमें नई दिल्ली से बिहार के दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सहरसा, पटना, पूर्णिया, बरौनी, भागलपुर और कटिहार के लिए अतिरिक्त ट्रेनें हैं।

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारतीय रेल के कुछ खंडों को निवेश के वास्ते निजी क्षेत्र के लिए खोला जा सकता है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र लाइसेंस फीस के बदले में इन खंडों पर अपने रेलमार्ग का संचालन कर सकता है।

रेल यात्रियों से प्रत्यक्ष जानकारी हासिल करने के मद्देनजर, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने सभी महाप्रबंधकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार रेल से सफर करने को कहा है।

जिन ट्रेनों में यह सेवा प्रदान की गई है, उनमें मालवा एक्सप्रेस, इंदौर-लिंगमपल्लीहमसफर एक्सप्रेस, अवंतिका एक्सप्रेस, इंदौर-वेरावल महामना एक्सप्रेस, क्षिप्रा एक्सप्रेस, नर्मदा एक्सप्रेस, अहिल्या नगरी एक्सप्रेस, पंचवली एक्सप्रेस, इंदौर-पुणे एक्सप्रेस शामिल हैं।

इस साल अलग-अलग रेलवे जोन ने कई समर स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है। पश्चिम रेलवे ने 19 समर स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। ये ट्रेनें 390 फेरे लगाएंगी।

अक्सर देखा गया है कि ट्रेन में कई बर्थ खाली होने के बावजूद सफर के दौरान वेटिंग टिकट वाले पैसेंजर को बैठने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। लेकिन अब भारतीय रेलवे की ओर से एक ऐसी सुविधा शुरू की गई है जिसके जरिए आप ट्रेन में खाली बर्थ का पता लगा सकेंगे।

भारत की पहली हाई स्पीड ट्रेन 'वंदे भारत एक्सप्रेस' आज से आम जनता के लिए शुरू हो गई। स्वदेश निर्मित, हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस का निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को यहां से पहला व्यावसायिक परिचालन शुरू हो गया।