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भारतीय रेलवे की कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री ने एक ऐसा कोच विकसित किया है, जो यात्रियों को कोरोना के खतरे से बचाएगा।

देशभर में ट्रेनों के निजीकरण को लेकर छिड़ी बहस के बीच रेल मंत्रालय का एक बयान सामने आया है। जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि रेलवे का किसी भी प्रकार से निजीकरण नहीं किया जा रहा है। वर्तमान में चल रही रेलवे की सभी सेवायें वैसे ही चलेंगी जैसे चल रही थीं।

पिछले साल नवंबर में इस परियोजना की नींव रखी गई थी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक कुल 3 गीगावाट की क्षमता वाला सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना है।

सिर्फ 5 फीसदी अतिरिक्त ट्रेनों का ही परिचालन प्राइवेट ऑपरेटर्स को दिया जा रहा है। बाकी 95 ट्रेनों का परिचालन रेलवे करेगा।

देश में लगातार बढ़ते कोरोनावायरस के मामलों के चलते 12 अगस्त तक सभी सामान्य रेल सेवाओं को बंद कर दिया गया है। भारतीय रेलवे बोर्ड की ओर से गुरुवार को एक आदेश जारी कर इसकी जानकारी दी गई।

भारतीय रेलवे ने 31 सितंबर, 2020 तक अगले 125 दिनों में 1800 करोड़ रुपये की लागत के प्रवासियों और अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर के 8 लाख श्रमिकों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

कोरोना वायरस महामारी से देश वैसे ही नुकसान झेल रहा है। इसी बीच रेलवे भी बेरोजगारों के लिए भी बुरी खबर लेकर आया है। भारतीय रेलवे ने फिलहाल सभी तरह के नई नौकरियों में भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का फैसला किया है।

भारत-चीन सीमा विवाद के बीच चीन को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, भारतीय रेलवे ने चीन को दिया गया 470 करोड़ का ठेका किया रद्द कर दिया है। इससे साफ जाहिर है कि सीमा विवाद की आंच कारोबार तक पहुंच चुकी हैं।

भारतीय रेल ने साफ किया है कि कोई भी ट्रेन अपने मार्ग से नहीं भटकी है। रेलवे बोर्ड के चेयरमेन विनोद कुमार यादव ने इस बात का खंडन किया है कि ट्रेनों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में 9 दिनों तक समय लगा है।

श्रमिक स्पेशल ट्रेन के बारे में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विजय कुमार यादव ने शुक्रवार को कहा कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की मांग राज्‍यों की ओर से अब कम हो गई है।