indian tradition

लोक (World) की व्याप्ति बड़ी है। सामान्यतया प्रत्यक्ष विश्व (Direct world) को लोक कहते हैं। लेकिन भारतीय परंपरा (Indian tradition) में कई लोकों की चर्चा है।

नई शिक्षा नीति भारतीय संविधान में शिक्षा संबंधी आरक्षण के प्रावधानों का सम्मान करती है। शोषित समाज के विशेष कार्यों को ध्यान में रखते हुए उसे शिक्षा के मूल ढांचे में सम्मिलित किया गया है।

वैवाहिक जीवन में क्लेश सप्तम भाव, सप्तमेश और द्वितीय भाव पर क्रूर ग्रहों का प्रभाव वैवाहिक जीवन में क्लेश उत्पन्न करता है। लग्न, सप्तम भाव, सप्तमेश की कारक शुक्र, राहु, केतु या मंगल से दृष्टि या युति के फलस्वरूप दाम्पत्य जीवन में क्लेश पैदा होता है।

महालक्ष्मी सदैव भगवान विष्णु की सेवा में लगी रहती हैं, शास्त्रों में जहां-जहां विष्णु और लक्ष्मी का उल्लेख आता है वहां लक्ष्मी श्री हरि के चरण दबाते हुए ही बताई गई हैं।

दिवाली की रात पीपल के नीचे तेल का दीपक ज़रूर जलाएं। यदि पीपल ना हो तो किसी चौराहे पर दीपक जला कर पीछे पलट कर मत देखें और चुपचाप अपने घर को लौट आएं।

मां भगवती सिद्धीदात्री को हर रोज भगवती का ध्यान करते हुए पीले पुष्प अर्पित करें। मोती चूर के लड्डूओं का भोग लगाएं ओर श्री विग्रह के सामने घी का दीपक जलाएं।

अरविंदर सिंह शास्त्री ने बताया कि महाकाली मां की उपासना करने से उनकी कृपा भक्तों पर सहज हो जाती है। मां कृपालु हैं इनकी शरण में आने वाला कोई खाली हाथ नहीं जाता। महाकाली जयंती के अवसर पर कहीं कहीं सुन्दर काण्ड के पाठ का भी आयोजन किया जाता है।

गौतम ने अपने बयान में कहा, "अगर आप सही मायने में अभिनय करना और खुद को परखना चाहते हैं, तो थियेटर आपके लिए अच्छा विकल्प है। आपके पास गलती करने की कोई गुंजाईश नहीं रहती है, क्योंकि आप लाइव ऑडियंस के सामने प्रदर्शन कर रहे होते हैं।"

शनि अमावस्या के दिन श्री शनिदेव की आराधना करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इस वर्ष यानि की आज 4 मई 2019 को (शनिवार) के दिन शनि अमावस्या मनाई जाएगी, यह पितृकार्येषु अमावस्या के रुप में भी जानी जाती है ।

भारतीय समाज में कुलदेवता या कुलदेवी का अपना अलग ही महत्व है। लोग भगवान के पूजन-अर्चना के अलावा विशेष कर अपने कुलदेवता या कुलदेवी की पूजा करते है।