Iraq

विदेश मंत्रालय ने कहा, 'इराक की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अगली अधिसूचना जारी होने तक इराक की सभी गैर-आवश्यक यात्रा से बचें। इराक में रहने वाले भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वह सतर्क रहें और इराक के अंदर यात्रा करने से बचें।'

इराकी संसद में विदेशी सेना को लौटाने का प्रस्ताव पारित होने के बाद यहां इस्लामिक स्टेट (आईएस) से लड़ रहे अमेरिकी अगुआई वाले अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन ने अपनी सेना को वापस लाने की तैयारी शुरू करने की घोषणा कर दी।

ईरान की आपात चिकित्सा सेवा के प्रमुख पीरहुसैन कौलीवंद ने इससे पहले फोन पर देश की सरकारी टीवी से भगदड़ की पुष्टि की। उन्होंने कहा, "बदकिस्मती से अंतिम संस्कार के दौरान भगदड़ के कारण हमारे कुछ हमवतन साथी घायल हो गए और कुछ लोगों की मौत हो गई है।"

अंतिम संस्कार की रस्में मंगलवार को सुलेमानी के दक्षिणी गृहनगर केरमन में भी होंगी, जहां उनके पार्थिव शरीर को बुधवार को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

ब्रिटेन के विदेश दूत डोमिनिक राब ने विभिन्न पक्षों से अपील की कि सोलेमानी की मौत के बाद मुठभेड़ की स्थिति को शिथिल बनाएं। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ हमारे हित के अनुरूप नहीं है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिवंगत ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी पर नई दिल्ली में आतंकवादी हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने शुक्रवार को फ्लोरिडा में अपने मार-आ-लागो रिसोर्ट में कहा, "सुलेमानी ने अपने पागलपन में निर्दोष लोगों की हत्या की, नई दिल्ली और लंदन में आतंकी हमलों की साजिश रची।"

अमेरिका ने इराक में लगातार दूसरे दिन हवाई हमला किया है। इस हमले में अबतक की रिपोर्ट के मुताबिक 6 लोग मारे गए हैं। शुक्रवार को हुए हमले में अमेरिका ने ईरान के टॉप मिलिट्री जनरल कासिम सुलेमानी को बगदाद में मार गिराया था।

इराक की राजधानी बगदाद में स्थिति अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिका ने बगदाद एयरपोर्ट पर एक एयर स्‍ट्राइक की जिसमें ईरान समर्थित कुर्द बल के प्रमुख मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई।

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो इराक की मौजूदा परिस्थितियों पर नजर रखने की जरूरत देखते हुए यूक्रेन और चार अन्य देशों का अपना दौरा रद्द स्थगित करेंगे।

साल 2017 के अंत में इराकी सुरक्षा बलों द्वारा आईएस आतंकवादियों को देशभर में हराने के बाद से देश में सुरक्षा स्थिति में हालांकि अविश्वसनीय बदलाव आया है, लेकिन युद्धग्रस्त देश में छिटपुट हमले हुए हैं।