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सीमा पार करतारपुर गलियारे (कॉरिडोर) के बहुप्रतीक्षित उद्घाटन से दो दिन पहले भारत ने पाकिस्तान द्वारा जारी किए गए गलियारे के आधिकारिक प्रचार वीडियो में जरनैल सिंह भिंडरावाले सहित तीन सिख अलगाववादी नेताओं की मौजूदगी पर चिंता व्यक्त की है

करतारपुर कॉरिडोर के उद्धाटन से पहले पाकिस्तान की सरकार ने एक वीडियो सॉन्ग रिलीज किया है, जिसमें खालिस्तानी अलगाववादी जरनैल सिंह भिंडरावाले व कई अन्य नेताओं की तस्वीरों के साथ कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू भी नजर आ रहे हैं।

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया कि आईएसआई पाकिस्तान के लिए खुफियागीरी करते हुए भाजपा के नेताओं को एनएसए में गिरफ्तार कर सख्त सजा मिलनी चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही इस बात का ऐलान कर चुके हैं कि पाकिस्तान को अमेरिका की ओर से दी गई 33 बिलयन डॉलर की सहायता बेकार गई है। पाकिस्तान में इसका उपयोग अमेरिका के दुश्मनों को खाद पानी देने में किया है।

आरोपी की पहचान मूलरूप से धर्मकोट (मोगा) के गांव जीदड़ा निवासी सुखविंदर सिंह सिद्धू पुत्र मुख्तयार सिंह के रूप में हुई जो इन दिनों छावनी क्षेत्र से सटे शाहबाज नगर की गली नंबर 8 में रह रहा था।

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज अहमद को नियुक्त किया है। फैज को ले. जनरल आसिम मुनीर की जगह चुना गया है। आमतौर पर आईएसआई के चीफ का कार्यकाल 3 साल का होता है, लेकिन मुनीर को 8 महीने में ही हटा दिया गया है।

दरअसल बीते दिनों में जिस तरह से गृह मंत्रालय ने आतंक और अलगाववादियों पर लगाम कसने की सख्त नीति अपनाई है, खासकर अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद जो सख्ती आई उससे पाकिस्तान में बौखलाहट आ गई है।

आतंकवाद पर बेनकाब हो चुका पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा महकमे में एक रिपोर्ट दी है, जिसके मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई रूस में मौजूद कुछ स्थानीय निवासियों की मदद से कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत विरोधी गतिविधियों को फैलाने में जुटी है।

एयर स्ट्राइक से बौखलाया पाकिस्तान अब भारत के खिलाफ नई तरह की साजिशें रचने में जुटा है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित खालिस्तानी लोगों ने भारत के उच्चायोग के सामने नारे लगाए और भारतीय मूल के लोगों पर हमला बोला। एएनआई की तरफ से हमले का विडियो भी शेयर किया गया है।

ब्रिटेन में रह रहे भारतीयों पर शनिवार को लंदन में भारतीय उच्‍चायोग के बाहर खालिस्‍तानी समर्थकों ने हमला कर दिया। माना जा रहा हा कि यह हमला पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने कराया है।