ISRO

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की ओर से 22 जुलाई, 2019 को चंद्रमा पर भेजे गए चंद्रयान 2 को लेकर चेन्‍नई के शनमुगा सुब्रमण्‍यम नामक युवक ने बड़ा दावा किया है।

सूचना और तर्क के अनुप्रयोग पर आधारित युक्ति डिवाइस ट्रेनों के आवागमन से संबंधित आगमन, प्रस्थान, तय की गई दूरी, अनिर्धारित ठहराव और सेक्शन के बीच की जानकारी पहुंचा रही है।

इसरो ने अब निजी कंपनियों के लिए स्पेस सेक्टर खोल दिया है। इसरो प्रमुख के सिवन का कहना है कि भारत की औद्योगिक बुनियाद को मजबूत बनाने में स्पेस सेक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर में उन्नत अंतरिक्ष तकनीकों के साथ शामिल कुछ देशों में से भारत भी है।

इसरो का जीसैट-30 को यूरोपियन हैवी रॉकेट एरियन-5 से शुक्रवार को सुबह करीब दो बजकर 35 मिनट पर फ्रांस के फ्रेंच गुएना स्थित कोरोउ द्वीप से छोड़ा गया।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को 3.25 बजे ताकतवर रडार इमेजिंग सैटेलाइट रीसैट-2बीआर1 की सफल लॉन्चिंग कर दी है। यह सेटेलाइट श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के लांचिंग पैड से लॉन्च किया गया।

भारत का ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) रॉकेट 11 दिसंबर को देश के नवीनतम जासूसी उपग्रह आरआईएसएटी-2बीआर1 और नौ विदेशी उपग्रहों को लॉन्च करेगा। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने यह जानकारी दी।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के चेयरमैन के.सिवन ने कहा कि हमारे खुद के आर्बिटर ने चंद्रमा की सतह पर दुर्घटनाग्रस्त विक्रम लैंडर का पता लगा लिया था।

चंद्रयान 2 की लांचिंग के वक्त हादसे का शिकार हुए विक्रम लैंडर के मलबे को आखिर ढूंढ निकाला गया है। करीब तीन महीने बाद विक्रम लैंडर का मलबा चांद की सतह पर मिला है। इससे ढूंढने में सबसे बड़ी भूमिका चेन्नई के एक इंजीनियर ने निभाई है।

अब भारतीय सेनाएं पाकिस्तान की नापाक हरकत और उनकी आतंकी गतिविधियों पर बाज जैसी नजर रख पाएंगी। इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर इस सैटेलाइट की मदद से सर्जिकल या एयर स्ट्राइक भी कर पाएंगी।

देश का ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी47) बुधवार सुबह 9.28 बजे काटरेसैट-3 और 13 वाणिज्यिक छोटे उपग्रहों के साथ अंतरिक्ष के लिए प्रस्थान करेगा और इसके लिए मंगलवार सुबह 7.28 बजे उल्टी गिनती शुरू हो गई। इसे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार से छोड़ा जाएगा।