ISRO

Who Is Captain Prashant Nayar: इस मिशन के लिए इसरो ने सैकड़ों पायलटों का परीक्षण किया, जिनमें से केवल 12 पायलटों का चयन किया गया। प्रथम स्तर की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उन 12 पायलटों को इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन (IAM) चयन के लिए चुना गया था। कई दौर के परीक्षण के बाद इसरो और वायुसेना ने प्रशांत बालकृष्णन नायर समेत इन चार पायलटों को मिशन के लिए चुना।

Gaganyaan Astronauts: ये सभी टेस्ट पायलट हैं। यानी लड़ाकू विमानों की टेस्टिंग करते हैं। खतरा होने पर तुरंत विमान को बचाने और उसे सकुशल उतारने में इन सभी को महारत हासिल है। इसी खूबी की वजह से इन सभी का सिलेक्शन इसरो के गगनयान मिशन के लिए किया गया है।

Gaganyaan Astronauts: गगनयान के अंतरिक्ष यात्रियों को रूस में भी इसरो ने ट्रेनिंग दिलाई। कोरोना के कारण इनकी ट्रेनिंग पर असर भी पड़ा, लेकिन सभी चार अंतरिक्ष यात्रियों ने गगनयान के लिए ट्रेनिंग को रूस में पूरा किया और सभी पैरामीटर पर खरे भी उतरे।

Gaganyaan Mission: गगनयान मिशन को इसरो साल 2022 में ही लॉन्च करने वाला था, लेकिन कोरोना और अन्य तकनीकी जटिलताओं की वजह से इसमें देरी हो गई। गगनयान का बीते साल हेलीकॉप्टर से ड्रॉप टेस्ट हो चुका है। ऐसे ही और टेस्ट अभी होने हैं। अगले साल गगनयान को भेजा जाना है।

Insat 3DS Launched: इनसैट-3डीएस को जिस जीएसएलवी रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा गया, उसे नॉटी ब्वॉय कहा जाता है। खुद इसरो के वैज्ञानिकों ने ये नाम रखा है। इसकी वजह ये है कि जीएसएलवी के अब तक हुए 16 में से 4 रॉकेट उड़ान के दौरान ही नष्ट हो गए थे। इसरो के वैज्ञानिकों ने इसके बाद जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट बनाया। जिसकी सफलता 100 फीसदी रही है।

Satellite Images Of Ayodhya Ram Mandir: इसके अतिरिक्त, छवियों में पुन: विकसित दशरथ महल और घुमावदार सरयू नदी दिखाई देती है, जो पवित्र परिवेश का एक व्यापक परिप्रेक्ष्य प्रदान करती है। विशेष रूप से, उन्नत अयोध्या रेलवे स्टेशन, क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण विकास, एनआरएससी द्वारा जारी दृश्यों में भी दिखाया गया है। ये सैटेलाइट स्नैपशॉट न केवल विकसित हो रहे धार्मिक परिदृश्य का सार दर्शाते हैं, बल्कि अयोध्या में बुनियादी ढांचे के विकास पर भी प्रकाश डालते हैं।

What is Halo Orbit: एल 1 प्वाइंट के आसपास आदित्य एल 1 को स्थापित किया गया है । एल-1 प्वाइंट के चारों ओर प्रभामंडल कक्षा में इस उपग्रह से सूर्य को लगातार देखा जा रहा है। वहीं, इसी प्लाइंट के चारों और मौजूद ऑर्बिट को सोलार हैलो ऑर्बिट कहा जाता है। यहीं पर आदित्य एल-1 को स्थापित किया गया है। जिससे कि सूर्य के बारे में अध्ययन किया जा सकें।

Aditya-L 1 Mission: भारत की पहली सौर वेधशाला आदित्य-एल1 अपने गंतव्य तक पहुंची। यह सबसे जटिल और पेचीदा अंतरिक्ष अभियानों को साकार करने में हमारे वैज्ञानिकों के अथक समर्पण का प्रमाण है। मैं इस असाधारण उपलब्धि की सराहना करने में राष्ट्र के साथ शामिल हूं। हम मानवता के लाभ के लिए विज्ञान की नई सीमाओं को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।

What is Black Hole in Hindi: पहले जहां विज्ञान के क्षेत्र में अमेरिका, जापान, ब्रिटेन सरीखे देशों का डंका बजता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में भारतीय वैज्ञानिकों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का जलवा बिखेरकर यह साबित कर दिया है कि वो किसी से कम नहीं हैं। यहां तक की नासा ने भी भारतीय वैज्ञानिकों के आगे घुटने टेक दिए हैं। जी हां...जरा याद कीजिए...वो लम्हा.....जब चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग हुई थी, तो पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई थी।

ISRO Exposat: इसरो का ये मिशन इस मायने में महत्वपूर्ण है कि पहली बार भारत ब्लैक होल और अंतरिक्ष में एक्स-रे पर इस एक्सपोसैट उपग्रह के जरिए शोध करने वाला है। इसरो के वैज्ञानिकों ने पहले भी अपने तमाम उपग्रहों और यान से दुनिया को भौंचक्का करने वाले नए तथ्य अंतरिक्ष में खोजे हैं।

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