Jauhar University

Rampur: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी आदित्यनाथ सरकार ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के सांसद आजम खान को बड़ा झटका दिया है। दरअसल सपा नेता की जौहर ट्रस्ट (Jauhar Trust) की 1400 बीघा जमीन अब यूपी सरकार के नाम दर्ज हो गई है।

आजम खान पर 80 से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें से मौलाना अली जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित 30 मुकदमे हैं जिसमें गरीबों की जमीन हड़पने का आरोप है।

जानकारी के मुताबिक उनके परिवार ने भी नियम कानूनों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। आजम खान की पत्नी तजीन फातिमा के खिलाफ डेरी अनियमितता के मामले में जांच शुरू कर दी गई है।

प्रशासन आजम के खिलाफ कोई भी नरम रुख रखने के मूड में नहीं है और अब आदेश जारी किया गया है कि, आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी से 17.5 एकड़ जमीन वापस ली जाएगी।

गौरतलब है कि आजम खान और मुलायम सिंह यादव के बीच करीब 30 साल से भी पुरानी दोस्ती हैं, 1992 में जब मुलायम ने जनता दल से नाता तोड़ कर समाजवादी पार्टी का गठन किया था तो आजम खान मजबूती से उनके साथ खड़े रहे थे।

आजम खान कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं। रामपुर की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। वे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम की राह पर चल रहे हैं।

अब आजम खान एक नई मुसीबत में फंसते दिख रहे हैं और ये मामला है यूनिवर्सिटी को लीज पर दी गई जमीन से खैर के पेड़ गायब होने का।

पुलिस ने आजम के बेटे अब्दुल्ला आजम को अपने साथ ले गई है। बताया जा रहा है पासपोर्ट के लिए गलत जानकारी देने के मामले में पुलिस अब्दुल्ला आजम से पूछताछ कर रही है।

किसानों की जमीन कब्जाने के मामले में आजम खान के खिलाफ 26 मुकदमा पहले ही दायर हो चुका है। वहीं इस मामले में रामपुर पुलिस ने बुधवार को जज के सामने उन किसानों के बयान दर्ज करवाए, जिनकी जमीन जौहर यूनिवर्सिटी बनाने के लिए कब्जाई गई।