Jyotiraditya Scindhia

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एक के बाद एक लगातार वार किए जा रहे हैं। दो दिन पहले उन्होंने किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ न होने को लेकर सवाल उठाए थे

पार्टी की मौजूदा हालत को देखते हुए सिंधिया का मानना है कि कांग्रेस को आत्म अवलोकन करने की जरूरत है। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि मौजूदा समय में कांग्रेस की जो स्थिति है उसका जायजा लिया जाना जरूरी है, ताकि कांग्रेस को आगे बढ़ाया जा सके।

इस स्थिति पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने चिंता जताई, साथ ही उन्होंने मंत्रियों और नेताओं को चेतावनी दी कि वे कार्यकर्ताओं की उपेक्षा न करें।

कांग्रेस के पूर्व महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। तभी पार्टी के कार्यकर्ता एक दूसरे के ऊपर कुर्सियों से हमला करने लगे। सिंधिया इन सब चीजों से नाराज हो गए और बीच कार्यक्रम से चले गए।

दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक मध्यप्रदेश के वन मंत्री के बीच उठे विवाद को अनुशासन समिति के हवाले कर दिया है। मगर यह समिति भी पसोपेश में है।

कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष को लेकर पार्टी नेताओं में चल रही खींचतान के बीच ग्वालियर पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री व महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तल्ख तेवर दिखाए हैं।

मध्य प्रदेश दतिया जिले के कांग्रेस नेता अशोक दांगी ने कहा है कि यदि ज्योतिरादित्य सिंधिया को अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो वह 500 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक इस्तीफे दे देंगे।

धारा 370 को कश्मीर से हटाए जाने का समर्थन कर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आम जनता की नब्ज पकड़ ली है। उनके इस कदम को कांग्रेस के भीतर और बाहर जमकर समर्थन मिला।

इसी कड़ी में अनुच्छेद 370 हटाने के मामले में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया मोदी सरकार के समर्थन में आ गए हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्विटर पर लिख दिया कि उन्नाव की पीड़िता ने लंबे संघर्ष के बाद दम तोड़ दिया। हालांकि, डॉक्टरों की तरफ से ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है। लोगों के विरोध के बाद सिंधिया ने यह ट्वीट हटा दिया।