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मध्यप्रदेश में फ्लोर टेस्ट का आदेश होते ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रतिक्रिया सामने आई है। शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत 'सत्यमेव जयते' लिखकर सुप्रीम आदेश का स्वागत किया। बीजेपी शुरू से ही फ्लोर टेस्ट की मांग कर रही है। उधर कांग्रेस इस बात पर अड़ी हुई थी कि पहले 22 विधायक बंगलुरू से वापिस लाये जाएं।

बेंगलुरु में मध्य प्रदेश कांग्रेस के बागी विधायकों से मिलने पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को कर्नाटक हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। बता दें बुधवार को दिग्विजय ने बेंगलुरु में कांग्रेस के बागी विधायकों से मिलने से रोके जाने के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी

विधायकों का दावा है कि वे किसी के दबाव में नहीं है, उन्हें किसी ने बंधक नहीं बनाया है। राज्य की सुरक्षा पर उन्हें भरोसा नहीं है, केंद्रीय सुरक्षा बल के संरक्षण में भोपाल जाने तैयार हैं।

इन बागी विधायकों में से 6 विधायक को 13 मार्च को स्पीकर एनपी प्रजापति से मुलाकात करनी थी। विधायकों के न आने पर प्रजापति ने कहा कि उन्होंने 3 घंटे तक विधायकों का इंतजार किया, लेकिन कोई नहीं आया।

शिवराज के इस बयान को सिंधिया के मंदसौर कांड पर दिए गए बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई कांग्रेस नेताओं ने शिवराज के इस बयान को सिंधिया का अपमान बताया है। यही नहीं सोशल मीडिया पर भी शिवराज के इस भाषण को लेकर कई प्रकार के कमेंट आ रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने आरोप लगाया है, "सिधिया पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया गया। उनकी गाड़ी रोकने की कोशिश की। पत्थर बरसाए गए, गाड़ी के पास आकर गाड़ी पर चढ़ने और उसे रोकने के प्रयास किए गए। बमुश्किल अपनी जान बचाकर चालक ने गाड़ी को निकाला।"

ज्योतिरादित्य और सचिन ने बहुत साल साथ काम किया है। दोनों एक ही पीढ़ी के नेता हैं। दोनों वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के परिवार से आते हैं। निश्चित ही दोनों में दोस्ती और आत्मीय संबंध होंगे, लेकिन आगे क्या होगा, इसके लिए थोड़ा इंतजार करना चाहिए, क्योंकि इंतजार का फल हमेशा मीठा होता है।

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद गुरुवार को पहली बार भोपाल पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया का जोरदार स्वागत किया गया।

जिस तरह ज्योतिरादित्य सिंधिया के संबंध लगातार बिगड़ रहे थे ठीक वैसे ही संबंध सचिन पायलट का भी राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ देखने को मिलता रहता है।

मध्य प्रदेश में जारी उठा-पटक के बीच कांग्रेस के बागी विधायकों से मिलने गए मंत्री जीतू पटवारी और लाखन सिंह के साथ बेंगलुरु पुलिस ने धक्का-मुक्की कर दोनों को हिरासत में ले लिया।