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मध्यप्रदेश में कांग्रेस के नए अध्यक्ष और निगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर जारी माथापच्ची के बीच सियासी तूफान खड़ा होने के आसार बनने लगे हैं। इसकी शुरुआत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इशारों-इशारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला करके कर दी है।

मध्यप्रदेश से रिक्त हो रही तीन राज्यसभा सीटों में से दो के कांग्रेस के खाते में आना तय है और इसके लिए जोर-आजमाइश के आसार बनने लगे हैं, क्योंकि इसके लिए आधा दर्जन दावेदारों के नाम सामने आने लगे हैं।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के लिए विरोधी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से ज्यादा 'अपने' ही यानी कांग्रेस के नेता ही मुसीबतें खड़ी करने में लगे हैं। पार्टी लगातार हिदायतें दे रही है, मगर किसी पर कार्रवाई करने का साहस नहीं दिखा पा रही है, यही कारण है कि मुसीबतें खड़ी करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाराज चलने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस के विधायक सुरेश राठखेड़ा ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि 'सिंधिया अगर कोई नई पार्टी बनाते हैं तो नई पार्टी में मैं (राठखेड़ा) सबसे पहले जाऊंगा।'

महाराष्ट्र में जारी सियासी सकंट के बीच कांग्रेस के बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर बड़ी सामने आई है। मध्य प्रदेश में नए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की कयासबाजी और चर्चाओं के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी अब धीरे-धीरे बाहर आने लगी है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ही सरकार को घेरा, किसान ऋण माफी पर उठाए सवाल

दिग्विजय सिंह के बारे में खबर है कि वह मध्यप्रदेश कांग्रेस में अपने गुट के कुछ विधायकों और मंत्रियों को लेकर खींचतान में जुटे हुए हैं। दिग्विजय सिंह की इस खींचतान से कमलनाथ और सिंधिया दोनों ही गुटों में असंतोष है।

दिग्विजय सिंह में हांगकांग का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वहां की लड़ाई युवा लड़ सकते हैं तो मध्यप्रदेश में युवा कमान क्यों नही संभाल सकते? उन्होंने अंतिम फैसला सोनिया गांधी के हाथ में होने की बात की।

मध्य प्रदेश में सिंधिया के समर्थकों ने कुछ पोस्टर लगाए हैं। जिनमें राहुल गांधी से अपील की गई है कि सिंधिया को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए। सिंधिया समर्थकों ने भोपाल में कांग्रेस ऑफिस के बाहर भी ये बैनर लगा दिए हैं। जिसके बाद अब अध्यक्ष पद को लेकर एक बार फिर सिंधिया के नाम की बहस तेज हो चुकी है।

यूपी की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस ने अपनी हार को लेकर मंथन किया। ये मंथन पश्चिमी यूपी के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया की अगुआई में हुआ। हालांकि इसमें वो तमाम सीनियर कांग्रेसी नेता नदारद रहे, जिन्होंने चुनाव लड़ा था और हार का सामना करना पड़ा था।