Kamal Nath

मध्यप्रदेश में जारी सियासी घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने से पहले कमलनाथ प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें उन्होंने अपनी एक साल, तीन महीने और चार दिन की सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। 

लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए राहुल गांधी संसद भवन पहुंचे थे। लेकिन जब मीडिया के लोगों ने उनसे ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा तो वह इससे बचकर निकल गए।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी जॉइन करने पर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आज मुझे राजमाता जी की याद आ रही है।

पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के ग्वालियर चंबल संभाग में शानदार प्रदर्शन की वजह ज्योतिरदित्य सिंधिया थे। इसी वजह से भाजपा विधानसभा चुनाव में बहुमत से दूर रह गई।

शिवसेना नेता संजय राउत ने एक बयान में कहा है कि ज्योतिरादित्य पॉपुलर नेता हैं उन्होंने काफी मेहनत की थी उनका उचित सम्मान होता तो आज कमलनाथ सरकार खतरे में नही आती।

लोकसभा की कार्यवाही जारी है इसमें हिस्सा लेने के लिए राहुल गांधी संसद भवन पहुंचे थे। लेकिन जब मीडिया के लोगों ने उनसे ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा तो वह इससे बचकर निकल गए।

मध्यप्रदेश में सरकार का समीकरण पलट चुका है। बीजेपी सरकार बनाने के एकदम करीब है। कांग्रेस खेमे में हुई बगावत के साथ ही निर्दलीय विधायक और दूसरी छोटी पार्टियां भी भाजपा के सम्पर्क में हैं।

मध्यप्रदेश में भाजपा ने तुरुप का पत्ता चल दिया है। कांग्रेस की सरकार गिरना तय है। अब तक कुल 22 विधायकों के इस्तीफे हो चुके हैं।

मध्यप्रदेश के घटनाक्रम को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों को ऐसा लगता है कि कमलनाथ ने सरकार को बचाने की उस तरह से कोशिशें नहीं कीं जिस तरह से कर सकते थे। सिंधिया को सोनिया से भी मिलने नहीं दिया गया। इससे पहले भी कई मौकों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया को जलील करने की कोशिश हुई।

चौतरफा विरोध के बाद आखिरकार मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने कर्मचारियों को नसबंदी का टारगेट देने वाला आदेश वापस ले लिया है। मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने यह जानकारी दी।