KamalNath

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे व मोजर बेयर के पूर्व कार्यकारी निदेशक रतुल पुरी को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा दायर 354 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया है। एजेंसी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। 

ज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को हटाए जाने के फैसले को शिवराज ने पंडित जवाहर लाल नेहरू की गलती को सुधारने वाला कदम बताया था।

इन पंक्तियों को 'सवा लाख से एक लडाऊं तभी गोबिंद सिंह नाम कहाउँ' के आधार पर बदला गया है। ये पंक्तियां सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह की हैं, जिसे लेकर सिख समुदाय काफी भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है।

कमलनाथ के फेसबुक पेज पर उनकी टीम ने उनकी बहादुरी की चर्चा करते हुए सिख गुरु गुरू गोविंद सिंह की लिखी लाइनें डाल दीं।

फरार होने के बाद बताया जा रहा है कि रतुल पुरी की तलाश के लिए ईडी की एक टीम राजधानी दिल्ली में कनॉट प्लेस के एक होटल में पहुंची। वहां ईडी अधिकारियों को रातुल तो नहीं मिला लेकिन उसकी कार और ड्राइवर मिल गया है।

राज्य में सत्ता बदले सात माह बीत गए हैं। इस दौरान दमोह जिले से बसपा विधायक रामबाई अपने बयानों और कार्यशैली के कारण सबसे ज्यादा सुर्खियों में रही हैं। उन्होंने दिसंबर और जनवरी में आक्रामक रुख अपनाया और कई कर्मचारियों की पिटाई तक कर दी। जब उनका मंत्री बनने का मोह जागा तब उन्होंने कई अटपटे बयान दे डाले।

मध्य प्रदेश में निजी क्षेत्रों में राज्य के युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार देना होगा, और इसके लिए राज्य सरकार जल्दी ही कानून बनाने जा रही है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नकल करने पर आमादा हैं। उन्होंने भी योगी की तर्ज पर नकारे और भ्रष्ट नौकरशाहों के खिलाफ कार्यवाही का अभियान शुरू कर दिया है।

सीएमओ को काफी चोटें आई हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इससे पहले, नगर निगम अधिकारी के साथ मारपीट करने के बाद बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और विधायक आकाश विजयवर्गीय जेल में बंद हैं।

मध्य प्रदेश में योग दिवस पर आयोजित सामूहिक समारोह में मुख्यमंत्री कमलनाथ के हिस्सा न लेने पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसा और कहा कि कमलनाथ ने संकीर्ण मानसिकता का परिचय दिया है।