Kanpur Encounter Case

पुलिस अब तक इस चर्चित कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे समेत छह अपराधियों का एनकाउंटर कर चुकी है। 18 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। जबकि, विकास दुबे का भाई दीपक दुबे, राजाराम, शिव तिवारी, विष्णु पाल यादव उर्फ जिलेदार, रामू बाजपेई, गोपाल सैनी, हीरू दुबे, शिवम दुबे फरार हैं।

गौरतलब है कि 2-3 जुलाई की रात कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। पुलिस शातिर बदमाश विकास दुबे को पकड़ने गई थी और उन पर बदमाशों ने हमला कर दिया, इसमें 8 जवान शहीद हो गए थे।

रिचा ने कहा, "मुझे नहीं पता कि उस रात बिकरू में क्या कुछ हुआ। मेरे पति मर चुके हैं, लेकिन मेरी उम्मीद जिंदा है।" रिचा ने कहा कि विकास दुबे उनके भाई राजू निगम के एक अच्छे मित्र थे। उन्होंने कहा, "मेरी उनसे मुलाकात 1990 में हुई और मेरे भाई ने ही हमारी शादी कराई।"

हैदराबाद गैंगरेप के सभी अभियुक्तों का अपराध को अंजाम देने के बाद भाग जाना यह बताता है कि उन्हें पुलिस के साथ-साथ लोगों का भी डर था जबकि विकास दुबे, कानपुर नगर व देहात क्षेत्र में आतंक का पर्याय था। इसके विरूद्ध कोई भी व्यक्ति साक्ष्य देने तथा पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था।

बता दें कि 30 जून को अमर दुबे की शादी हुई थी। इस शादी में विकास दुबे मौजूद था। वह कई फोटो में दिखाई दे रहा है। विकास दुबे के साथ ही अमर दुबे की शादी में चौकी इंचार्ज केके शर्मा भी मौजूद था।

उन्होंने बताया कि इसके बाद हाते में हमसे विकास दुबे ने पूछताछ की और गाड़ी दे दी। इसके बाद हम दहशत में आ गए कि हमें ये कल मार देगा। इसके बाद हम कप्तान के यहां आए।

कानपुर कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर में मार गिराए जाने के बाद अब उत्‍तर प्रदेश के अपराधी बेहद खौफ में दिख रहे हैं। उनके खौफ का आलम यह है कि अपराधी अब पुलिस की गाड़ी में भी बैठने से डर रहे हैं।

गिरफ्तार किए गए लोगों का नाम ओम प्रकाश पांडेय और अनिल पांडेय है लेकिन ग्वालियर पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। विकास के ये दोनों सहयोगी शशिकांत पांडेय और शिवम दुबे फिलहाल फरार चल रहे हैं।

बता दें कि कानपुर कांड का मुख्य आरोपी विकास दुबे उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ एनकाउंटर में 10 जुलाई की सुबह मार दिया गया था।

कानपुर कांड का मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ एनकाउंटर में 10 जुलाई की सुबह मार दिया गया था। एनकाउंटर के बाद अब गैंगस्टर विकास दुबे की संपत्ति की जांच होगी।