Kanpur Police

गौरतलब है कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) के घर दबिश देने पहुंची कानपुर पुलिस (Kanpur) की टीम पर घात लगाकर बैठे गैंगस्टर और उसके गुर्गों ने हमला कर दिया था, जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा (Devendra Mishra) सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।

कोरोनाCorona) के खतरे को देखते हुए मोहर्रम के जुलूस को लेकर कानपुर पुलिस(Kanpur Police) ने हिदायत दी थी लेकिन उसके बावजूद रात को करीब 2 बजे इस जुलूस को निकला गया।

गौरलतब है कि इस खबर को लेकर ये भी कहा जा रहा है कि, कानपुर में रविवार को बेकनगंज इलाके में एक लावारिस बकरा सड़क पर टहल रहा था। बकरीद का समय है इसलिए हर बकरे की इस समय कीमत है।

अपहरण करने वाले पैसे भी ले गए और संजीत यादव को भी नहीं छुड़ा पाए। हत्या के करीब एक महीने के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए लोगों का नाम ओम प्रकाश पांडेय और अनिल पांडेय है लेकिन ग्वालियर पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। विकास के ये दोनों सहयोगी शशिकांत पांडेय और शिवम दुबे फिलहाल फरार चल रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे आज कानपुर में एक मुठभेड़ में मारा गया है। दो जुलाई से हुए अब तक के घटनाक्रम में पुलिस और अपराधी के बीच शह मात का खेल चलता रहा।

बता दें कि इससे पहले पुलिस ने बुधवार को मुख्य आरोपी विकास दुबे के दाहिना हाथ माने जाने वाले अमर दुबे को हमीरपुर में मुठभेड़ में को मार गिराया था।  

हरियाणा और उत्तर प्रदेश की संयुक्त टीमों ने दुबे के एक सहयोगी को हिरासत में लिया है। उसने पुष्टि की है कि दुबे होटल में उसके साथ रूका था।

जाहिर तौर पर फोन के जरिए ऋचा दुबे ने घर और वहां की गतिविधियों पर नजर रखी। शायद उसने फुटेज को डिलीट करने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल किया होगा।

मोस्टवांटेड विकास दुबे के पोस्टर जगह जगह चस्पा कराए गए हैं। सार्वजनिक स्थानों जैसे रेलवे, बस स्टेशनों और हर थानें चौकी में पोस्टर चस्पा किये गये हैं।