kapil mishra

Kapil Mishra Protest Support to Aranb: अर्नब(Arnab Goswami) के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रविवार को राजघाट के पास जाकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल भाजपा (BJP) नेता तेजिंदर बग्गा और कपिल मिश्रा(Kapil Mishra) को गिरफ्तार कर लिया।

गरुड़ प्रकाशन के द्वारा 'Delhi Riots 2020' के हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रकाशन को मंजूरी दी गई है। इसकी जानकारी प्रकाशन की तरफ से ट्वीट कर भी दी गई है।

कपिल मिश्रा को लेकर एक फेक न्यूज एनडीटीवी की तरफ से प्रसारित किया गया जिसके बाद चैनल को इस पूरे प्रकरण पर सोशल मीडिया पर सफाई देनी पड़ी।

आम आदमी पार्टी के निशाने पर शुरू से ही भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़े उनकी ही पार्टी के बागी नेता कपिल मिश्रा है।

दिल्ली में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा को लगातार मिल रही धमकियों के बाद वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दिए जाने की खबर सामने आई। लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने कपिल को किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था देने से साफ इनकार कर दिया है।

लगातार मिल रही धमकियों के बाद दिल्ली में भाजपा के नेता कपिल मिश्रा को वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है। इसके तहत कपिल मिश्रा के साथ 24 घंटे 6 जवान तैनात रहेंगे। दिल्ली पुलिस मुख्यालय के मुताबिक कपिल मिश्रा को यह सुरक्षा उन्हें मिली धमकी के आधार पर दी गई है।

उत्तर-पूर्व दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा के बाद स्थिति सामान्य हो रही है, ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता कपिल मिश्रा सहित कई लोगों ने शनिवार को जंतर-मंतर पर इकट्ठा होकर शांति मार्च में भाग लिया।

ताहिर पर यह भी आरोप लग रहा है कि 25 फरवरी को उनके चांदबाग स्थित घर से उपद्रवियों ने लोगों पर पथराव किया और पेट्रोल बम फेंके। ताहिर इससे इंकार करते रहे लेकिन अब जो एक वीडियो सामने आया है, उसमें उनके घर की छत पर काफी मात्रा में पत्थर और पेट्रोल बम मिले हैं।  

हमने पहले भी कहा था कि नाथूराम गोडसे के पैदा होने से कोई भी सभ्य समाज कलंकित ही महसूस करता है, लेकिन वह केवल महात्मा गांधी पैदा करने की गारंटी भी नहीं दे सकता। 10 लाख लोगों की लाशों पर इस्लाम के नाम पर हुआ देश-विभाजन हिंदुओं के चेतन-अवचेतन में ज़रूर रहता है और हमेशा रहना चाहिए।

संशोधित नागरिकता कानून(सीएए) को लेकर उत्तरपूर्वी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में भड़की हिंसा में शामिल लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग करने वाली एक याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है।