Kumbh mela 2019

इससे पहले दो शाही स्नान मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या पर संपन्न हो चुके हैं। बसंत पंचमी पर कुंभ का तीसरा और अंतिम शाही स्नान है।

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि प्रिंट या दृश्य मीडिया द्वारा आदेश की अवहेलना करने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

4 फरवरी को मौनी अमावस्या के दिन आज त्रिवेणी संगम की नगरी प्रयागराज में कुंभ का दूसरा शाही स्नान किया जा रहा है। 4 फरवरी सोमवार को माघ मास की यह अमावस्या पड़ी है। इसी दिन कुंभ के पहले तीर्थंकर ऋषभ देव ने अपनी लंबी तपस्या का मौन व्रत तोड़ा था और संगम के पवित्र जल में स्नान किया था।  

पौष पूर्णिमा यानी 21 जनवरी से कल्पवास की शुरुआत हो गई है और यह अब माघी पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा। मानव जीवन के लिए कल्पवास को आध्यात्मिक विकास का माध्यम माना जाता है, जिसके जरिए आत्मशुद्धि का प्रयास किया जाता है। प्रयागराज में चल रहे कुंभ में करोड़ों की तादाद में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

प्रयागराज में महाकुंभ में स्नान का अपना महत्व है लेकिन कुछ खास दिनों और तारीखों में स्नान बेहद शुभ माना जाता है। बता दें 21 जनवरी यानि के आज कुंभ में आज आस्था का दूसरा महासंगम हो रहा है।

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