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वायु प्रदूषण (Air Pollution) के तत्व विशेष रूप से पीएम 2.5, बड़े पैमाने पर हृदय रोग (Heart Disease) के लिए खतरा उत्पन्न करता है। कई शोधों में पीएम 2.5 और ब्लड प्रेशर (BP) की समस्या के आपस में जुड़े होने के साक्ष्य सामने आए हैं।

अक्सर आप अपने घुटनों और पैरों की उंगलियों में होने वाले दर्द (Pain in knees and toes) को मामूली समझ कर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन इससे कई दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यह आपके शरीर में यूरिक एसिड (Uric acid) बढ़ने का लक्षण भी हो सकता है।

कई अध्ययनों ने यह साबित किया है कि एडवांस टेक्नोलॉजी (Advanced technology) दुनिया भर के गर्भवती महिलाओं (Pregnant women) के लिए खतरा (Danger) पैदा कर सकती है।

देश और दुनिया इस समय कोरोनावायरस (Coronavirus) का प्रकोप झेल रही है। जिसकी वजह से हर तरफ एक डर का माहौल है। ऐसे में हर मुद्दे पर बात की जा रही है लेकिन एक मुद्दा ऐसा है जिसपर कोई खुल कर बात नहीं कर रहा। लोगों के मन में सेक्स (Sex) को लेकर कई तरह से सवाल हैं।

मुलुंड स्थित फोर्टिस अस्पताल की बाल नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरिजा सुरेश कहती हैं कि हालांकि इन संक्रमणों के पीछे कई कारण हैं, जिनमें बैक्टीरिया या वायरल संक्रमण जैसे सामान्य सर्दी, फ्लू या यहां तक कि आंखों को बार-बार रगड़ना भी शामिल हैं।

बालों को टूटने से बचाने के लिए इन्हें झाड़ते वक्त एक चौड़े दांतेदार कंघी का ही प्रयोग करें। कंघी हमेशा नीचे से शुरू कर जड़ों तक करें। इससे बालों की गांठे सुलझ जाएंगी और ये कम टूटेंगे। शैम्पू लगाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि बाल अच्छे से गीले हो और बालों को धोते वक्त गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें।

नारियल तेल का इस्तेमाल भारतीय घरों में सदियों से होता रहा है। खान-पान से लेकर खूबसूरत चेहरे और मजबूत बालों के लिए नारियल के तेल की मांग काफी ज्यादा है। हालांकि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह काफी लाभदायक है।

दुनिया भर में आज विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस मनाया जा रहा है। ज्यादातर लोगों की तरह संभव है कि 'सिकल सेल' के नाम से आप भी पहली बार ही परिचित हो रहे हों। सिकल सेल दरअसल एक तरह की खून की बीमारी है जो मुख्य तौर पर अनुवांशिकता के कारण होती है।

दोस्त सबकी जिंदगी में होते हैं। लेकिन दोस्ती कुछ ही निभा पाते हैं। ऐसे ही दोस्तों के लिए ये खास दिन नेशनल बेस्ट फ्रेंड डे मनाया जाता है। जो एक दूसरे की खुशियों में अपनी खुशी ढूंढ़ते है।

विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है। इसका मकसद लोगों को पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूक और सचेत करना है। प्रकृति हमारे जीवन का जरूरी हिस्सा है, बिना प्रकृति के मानव जीवन संभव नहीं है। इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि हम यह समझें कि हमारे लिए पेड़-पौधे, जंगल, नदियां, झीलें, जमीन, पहाड़ कितने जरूरी हैं।