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एक बयान में बताया गया है कि आयुर्वेदिक फार्मूले से बनी इस आधुनिक दवा के प्रभाव को वैज्ञानिक आकलन के आधार पर प्रमाणित किया जा चुका है। इस बीमारी के गंभीर मरीजों के इलाज में इस दवा को पूरक औषधि के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

अदरख को भी जड़ी बूटी के तौर पर देखा जाता है। एक हालिया शोध में यह तथ्य सामने आए हैं कि अदरख के मौखिक सेवन से अस्थमा में काफी आराम मिलता है। इसके साथ ही चाय के साथ इसका सेवन कर इसका सेवन डिटॉक्स ड्रिंक के तौर पर किया जा सकता है।

वर्ष 2015 के दौरान आकस्मिक चोटों के कारण 4.13 लाख लोगों की जान चली गई और 1.33 लाख लोगों की आत्महत्या के कारण मृत्यु हो गई। भारत में दिव्यांगों की कुल संख्या 2.68 करोड़ बताई गई है।

नई दिल्ली। लक्षमी पूजन यानि दीपावली के मौके पर चमक-दमक वाले कपड़े पहने जाते हैं। लेकिन क्या आप कपड़ों के...

डॉ. अजित कुमार ने कहा, "देश का भोजन सुरक्षित है और इसके जहरीला होने की अफवाह वे फैला रहे हैं, जिनका विज्ञान से कोई लेना-देना नहीं है।

अयोध्या में आयोजित होने वाले आगामी 'दीपोत्सव' कार्यक्रम में लोगों को इलेक्ट्रिक लाइट्स के बजाय दीयों का इस्तेमाल करने को प्रेरित किया गया है।

स्वास्थ्य खराब होने के लिए कई बार स्मार्टफोन को जिम्मेवार ठहराया जाता है, लेकिन दिल के मरीजों पर इस डिवाइस का सकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि एक साधारण ऐप निर्धारित अवधि के लिए इन रोगियों को अपनी दवा लेने में मदद करने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है, जिससे समय से पहले मौत के खतरे को कम किया जा सकता है।

देश में पिछले फसल वर्ष में अलसी का उत्पादन 1.59 लाख टन था, जबकि आगामी रबी सीजन में सरकार ने इसका उत्पादन बढ़ाकर 2.03 लाख टन करने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाने पर यह गठिया का रूप ले लेता है। ध्यान न देने पर घुटना, कूल्हा आदि इंप्लांट करने की भी नौबत आ जाती है।

भारत में अंधता और दृष्टि क्षीणता की वर्तमान स्थिति के बारे में पूर्णतया जानकारी हासिल करने के लिए यह सर्वेक्षण आयोजित किया गया था। इसकी योजना केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बनाई गई थी।