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पाकिस्तान सीमा पर भारत की तैयारियों से बेहद डरा हुआ है। उसे भारत की ओर से किसी बड़ी कार्यवाही का डर सता रहा है।

पाकिस्तान की नापाक हरकत को देखते हुए एलओसी पर सर्च आपरेशन भी चलाया गया ताकि कहीं और भी इस प्रकार की आईईडी लगाई गई हो तो उसका पता लगाया जा सके। एलओसी पर हुए इस हादसे से सीमावर्ती लोगों में भय का माहौल है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धारा 370 के निष्क्रिय होने के बाद पहली बार जम्मू कश्मीर का दौरा किया। उन्होंने दिवाली के दिन एलओसी जाकर जवानों के संग दिवाली मनाई।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जम्मू एवं कश्मीरी लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के सदस्यों को रविवार को भारत से लगती नियंत्रण रेखा (एलओसी) तक जाने से रोक दिया गया।

पिछले महीने आतंकियों के साथ पाकिस्तान की सेना के जवान भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। भारत के मुस्तैद जवानों को इसकी भनक लग गई और पहले उन्होंने वॉर्निंग शॉट देकर चेताया।

इसी बीच इमरान खान ने अपने विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और कई सैन्य अधिकारियों के साथ एलओसी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नियंत्रण रेखा के नजदीक बसे गांव के लोगों से बात की।

पाकिस्तान ने सोमवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा किए गए युद्धविराम उल्लंघन पर भारतीय उप-उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया को तलब किया।

सेना प्रमुख ने कहा, 'अगर दुश्मन नियंत्रण रेखा को एक्टिवेट करना चाहता है, तो यह उसकी पसंद है। सावधानीवश तैनाती सभी करते हैं, हमें इसे लेकर ज्यादा चिंतित नहीं होना चाहिए। जहां तक सेना और अन्य सेवाओं का सवाल है, हमें हमेशा ही तैयार रहना चाहिए।'

सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान ने अभी इस प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह घटना 31 जुलाई और एक अगस्त की रात में केरन सेक्टर की है जब पाकिस्तान बॉर्डर एक्शन की एक टीम (बैट) ने भारत में घुसपैठ करने की कोशिश की थी।

भारतीय सेना के इस रौद्र रूप से सहमें पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर आरोप लगाते हुए कहा कि 'नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सेना कथित तौर पर क्लस्टर बम का इस्तेमाल कर रही है।'