Lok sabha Election 2019

रात्रिभोज से पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता पार्टी मुख्यालय पर भी मुलाकात कर सकते हैं। पार्टी के सूत्रों के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) अध्यक्ष राम विलास पासवान बैठक में शामिल होंगे।

इसी के तहत लोकसभा चुनाव नतीजों से पहले विपक्षी दलों ने मंगलवार को चुनाव आयोग से मिलने की तैयारी की है। इस मुलाकात में ईवीएम के साथ वीवीपैट की पर्ची के मिलान का मुद्दा उठाया जाएगा। विपक्ष की मांग है कि यदि किसी भी मतदान केंद्र पर गड़बड़ी पाई जाती है तो समूचे विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम के साथ वीवीपैट का मिलान होना चाहिए।

बीजेडी के प्रवक्ता अमर पटनायक ने इसे लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर चुनावी एग्जिट पोल्स के हिसाब से देखें तब केंद्र में एनडीए की सरकार बन सकती है और तब हम सरकार का हिस्सा हो सकते हैं।

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान टीवी स्क्रीन पर नजर आने वाला नमो टीवी अब गायब हो गया है। चूंकि 26 मार्च को लोकसभा चुनाव शुरु होने से कुछ दिन पहले ही जब लोग अपने टीवी चैनलों पर नमो टीवी को देखें तो चौक गए, क्योंकि वजह भी इसकी वाजिब थी कि इस चैनल का पहले तो न कोई विज्ञापन आया था और न ही दर्शकों को किसी तरह की सूचना दी गई थी।

उन्होंने कहा, "पिछड़ों को छात्रवृत्ति देने के लिए उनके पास पैसा नहीं है। अगर हक की लड़ाई लड़ना गुनाह है तो मैं गुनाहगार हूं। एक मंत्री अपने क्षेत्र में 100 मीटर की सड़क नहीं बनावा सकता तो भला ऐसी सरकार को क्या कहें। इसीलिए ऐसी सरकार में रहना ठीक नहीं है। हम सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं। भाजपा को मेरी वजह से चुनाव में बहुत नुकसान हुआ है।"

इस फैसले का खुद ओमप्रकाश राजभर ने स्वागत किया है। उन्होंने सामाजिक न्याय समिति का गठन किया और अपनी रिपोर्ट को एक कूड़ेदान में फेंक दिया, उसके पास इसे लागू करने के लिए अतिरिक्त समय नहीं था। मैंने उनसे सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को जल्द से जल्द लागू करने का अनुरोध किया।

भाजपा प्रत्याशी ने कहा, "गाजीपुर में गठबंधन उनके लिए कोई चुनौती नहीं है। नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने के लिए जातीय और दलीय दोनों दीवारें टूट गई हैं। उन्होंने दावा किया है कि भाजपा भारी मतों से गाजीपुर लोकसभा सीट जीतने जा रही है।" केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री और मिर्जापुर से प्रत्याशी अनुप्रिया पटेल ने भी मतदान किया।

इसके बाद पीएम मोदी ने मंदिर के गर्भगृह जाकर भगवान विष्णु की आराधना की। मंदिर से बाहर निकलते ही प्रधानमंत्री मोदी को देख उपस्थित लोगों ने मोदी-मोदी के नारे लगाए। इस पर उन्होंने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया।  

टीएमसी ने अपनी चिट्ठी में कहा कि चुनाव आयोग इस पर आंख और कान बंद करके बैठा हुआ है। पार्टी ने आयोग से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस तरह का चुनाव प्रचार नैतिकता के खिलाफ और गलत है।

सूचना मिलने पर जब तक यूपी 100 की पुलिस पहुंची, स्याही लगाने वाले भाग चुके थे। ग्रामीणों को जैसे ही इसकी जानकारी हुई, आसपास के गांव से काफी भीड़ एकत्र हो गई और सभी लोग हंगामा करने लगे।