Lok Sabha

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी कर डाली। दरअसल कश्‍मीर की मध्‍यस्‍थता के मसले पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के विवादित बयान के बाद कांग्रेस लोकसभा में इस मांग पर अड़ गई है कि पीएम मोदी इस मसले पर खुद ही बयान दें।

राहुल गांधी के सवाल का जवाब देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में किसानों की दयनीय स्थिति 2-5 साल में नहीं हुई है, लंबे समय तक जिन्होंने सरकार चलाई है उस वजह से किसानों की ऐसी स्थिति हुई है। राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी की सरकार में किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए प्रयत्न किए जा रहे हैं।

बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पर चर्चा करेंगी और सवालों का जवाब भी देंगी।

चौधरी के आरोपों का जवाब देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ किया कि कर्नाटक में जो कुछ भी हो रहा है, उसमें उनकी पार्टी का कोई हाथ नहीं है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उन्हें पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री के तौर पर बजट भाषण पेश करने के लिए बधाई दी और सदन के अन्य सदस्यों को भी बजट भाषण सुनने के लिए बधाई दी।

ब्रीफकेस में नहीं इस बार लाल कपड़े में बजट लपेटकर लाईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

सूत्रों ने कहा कि कृषि निर्यात को प्रोत्साहन राशि, राष्ट्रीय वनस्पति तेल मिशन को लॉन्च करना, फसल बीमा योजना में सुधार, इजरायली ड्रिप सिंचाई तकनीक को व्यापक रूप से बढ़ावा देना, मनरेगा के अधिकांश भाग को जल संबंधित योजनाओं में लगाने का निर्देश देने जैसे कुछ अन्य प्रस्ताव हैं जो सरकार ने बजट के लिए सूचीबद्ध किए हैं।

हर साल  बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री एक ब्रीफकेस में ही बजट लेकर संसद पहुंचते थे। लेकिन इस बार बजट पेश होने से पहले संसद के बाहर कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के हाथ में कोई ब्रीफकेस नहीं था बल्कि वह लाल रंग के कपड़े में बजट दस्तावेज को लेकर बाहर लेकर आयी थीं।

ताजा खबर की बात करें तो, बुधवार को राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी में जल्द से जल्द अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होना चाहिए, वह अब इस पद पर नहीं हैं। इतना ही नहीं, राहुल का मानना है कि पार्टी का नया अध्यक्ष एक महीने पहले ही चुना जाना चाहिए था। मैं इस पद पर नहीं हूं।

सोनिया गांधी ने कहा, 'रायबरेली की सार्वजनिक संपत्तियों की सरकार पूरी रक्षा करे। रायबरेली की रेल कोच फैक्ट्री देश की सबसे आधुनिक फैक्ट्रियों में से है और पूर्व की सरकारों ने इसे आगे ले जाने के लिए काफी काम किया। स्थानीय लोगों के रोजगार के लिए भी यह रेल फैक्ट्री महत्वपूर्ण है। मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि सरकार इस फैक्ट्री के निजीकरण का प्रयास कर रही है। इसके लिए मजदूर यूनियनों तक को विश्वास में नहीं लिया गया।'