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पीठासीन अधिकारियों के 79वें सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए विधायिकाओं की एक वर्ष में बैठकें जरूर होनी चाहिए।

इस दौरान सदन की कार्यवाही ने कई सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं। राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणी 'रेप इन इंडिया' के बाद हालांकि सदन में शुक्रवार को सत्तापक्ष द्वारा हंगामा किए जाने के बाद इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित भी करना पड़ा।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी संसद के भीतर एक बयान देकर बुरी तरह फंस गए। उन्होंने भारत को रेप कैपिटल कह दिया। राहुल के इस बयान पर जमकर हंगामा हुआ। महिला सांसदों ने उन्हें अच्छी तरह से आईना दिखाया और माफी की मांग की।

नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हो गया है। इसका राज्यसभा से भी पास होना मोदी सरकार के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है। बता दें कि इस बिल के पक्ष में राज्यसभा में 125 वोट मिले और इसके खिलाफ 105 वोट पड़े।

निचले सदन में विधेयक को पेश करते हुए, केंद्रीय इलक्ट्रोनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के विरोध को खारिज कर दिया और कहा कि इस डेटा संरक्षण विधेयक से, भारतीयों के अधिकारों की रक्षा होगी।

संजय राउत ने कहा कि इस देश से घुसपैठियों को बाहर निकलाना चाहिए, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का हनन हुआ है. जिन लाखों-करोड़ों को यहां पर ला रहे हैं, तो क्या उन्हें वोटिंग का हक मिलेगा अगर इन्हें 20-25 साल वोटिंग का हक नहीं मिलता है तो बैलेंस रहेगा।

भाजपा संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे विपक्षी पार्टियों पर आज जोरदार निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दल पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से लाखों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आयेगा।

प्रतिबंधित शस्त्र और प्रतिबंधित गोला बारूद को अपने कब्जे में रखने की अवस्था में 5 से 7 साल की सजा की जगह 7 से 14 साल के कारावास का प्रावधान रखा गया है।

लोकसभा में बोलते हुए अमित शाह ने दो बड़े उदाहरण भी दिए। उन्होंने बताया कि लालकृष्ण आडवाणी और मनमोहन सिंह भी शरणार्थी के तौर पर बाहर से आये थे और प्रधानमंत्री व बड़े बड़े पदों पर बैठे। अमित शाह ने बताया कि मणिपुर को इनर लाइन परमिट के दायरे में लाया जाएगा।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हम उस पार्टी से आते हैं, जहां दो-दो प्रधानमंत्री ऐसे आए, जिन्होंने प्रचारक जीवन लिया था। सब कुछ सम्पत्ति छोड़ दी थी, एक पैसा भी अपना नहीं था और शून्य से शिखर तक पहुंचे।