Loksabha Election

राहुल ने कहा, कोई ऐसा संस्थान नहीं है जो आप से न लड़ा हो और आपको लोकसभा में आने से रोकने का प्रयास न किया हो। आप उन सभी संस्थानों से लड़े और आपको लोकसभा में पहुंचने के लिए अपना रास्ता बनाने को मजबूर किया गया।

जौनपुर के यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अपने खून से खत लिखकर राहुल गांधी से इस्तीफा न देने की गुजारिश की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब से राहुल गांधी के इस्तीफा की बात सुनी है तभी से हमलोग परेशान हैं।

मतदान पद्धति के धर्म-आधारित विश्लेषण से पता चला कि एनडीए के सबसे बड़े समर्थक सवर्ण हिंदू हैं जिसके 51.6 प्रतिशत समुदाय ने नरेंद्र मोदी की अगुआई वाले गठबंधन को वोट दिया।

सूत्रों की मानें तो यह शपथ ग्रहण पिछली बार की तरह शाम 4 से 5 बजे के बीच ही होगा। फिलहाल, यह साफ नहीं है कि पिछली बार की तरह इस बार दुनिया के देशों से नेताओं को शपथ ग्रहण में बुलाया जाएगा या नहीं।

मोदी ने अपने पांच साल के कार्यकाल (2014-2019) की तुलना आजादी के पूर्व के पांच साल (1942-1947) से की जोकि मजबूत भारत की नींव करने के लिए अहम था।

इस बार कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम समेत कई नेताओं के बेटों को टिकट दिए थे। जिसकी वजह से उनके प्रचार करने का दायरा काफी सीमित रहा।

कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में पार्टी की करारी हार के कारणों की समीक्षा भी की जाएगी, जहां पार्टी ने 5 महीने पहले ही सरकार बनाई है।

कांग्रेस 1967 से तीन बार अमेठी सीट हार चुकी है। कांग्रेस ने 1967 में अमेठी में जीत दर्ज की। 1977 के आम चुनाव में संजय गांधी यहां से जनता पार्टी के उम्मीदवार से हार गए। लेकिन 1980 में उन्होंने वापस इस सीट पर जीत दर्ज की।

जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने पासवान को राजनीति का 'मौसम वैज्ञानिक' बताया था। उन्होंने कहा था कि पासवान को पहले से ही पता होता है कि देश में राजनीति की लहर किसके पक्ष में और किसके विपक्ष में बह रही है। 

नोटा के मामले में तीसरे नंबर पर समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र रहा जहां 35,417 मतदाताओं को किसी दल के प्रत्याशी पसंद नहीं आए और विकल्प के रूप में उन्होंने नोटा का विकल्प चुना।