Loksabha Speaker

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बिल को जब सदन के पटल पर रखा तो कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई दलों ने इसका विरोध किया। इस बिल को लेकर बीजेपी सांसद एसएस अहलूवालिया जानकारी ही दे रहे थे कि विपक्षी सांसद हंगामा करने लगे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक सभा के दौरान ब्राह्मणों को श्रेष्ठ बताते हुए कहा कि, उन्हें यह स्थान त्याग और तपस्या की वजह से मिला है। अब ओम बिड़ला के बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी सवाल खड़े कर रही है।

जिस तरह से लोकसभा के नए स्पीकर ओम बिरला ने अपने पहले सात दिन लोकसभा में गुजारे हैं, इससे समझ आता है कि वे सबकुछ पहले जैसा ही नहीं चलने देने चाहते।

दो बार के लोकसभा सांसद ओम बिड़ला को पूरे सदन ने ध्वनिमत से अपना समर्थन दिया और फिर कार्यवाहक अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने बिड़ला को स्पीकर घोषित किया।

मोदी सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद चर्चा इस बात की भी थी कि आखिर लोकसभा अध्यक्ष का पद किसको दिया जाएगा। कई नामों की चर्चा के बाद आखिरकार अब इसपर विराम लग गया है।