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2019 लोकसभा चुनाव में अकेले यूपी से 11 विधायक जीतकर सांसद निर्वाचित हुए हैं। इन विधायकों के जीतने के बाद विधानसभा में सीटें खाली होंगी। इससे राज्य में विधानसभा उप चुनाव का रास्ता खुल गया है। जो विधायक चुनाव जीत कर सांसद बने हैं, उनमें सबसे अधिक 8 विधायक भाजपा के हैं।

लोकसभा चुनाव के लिए कराए गए मतदान के दौरान जिन बूथों पर ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की खराबी से मतदान दो घंटे और इससे अधिक समय तक प्रभावित रहा था, वहां पुनर्मतदान कराया जाएगा।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शनिवार बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र से नामांकन पत्र भरा था। इस सीट पर बीजेपी नेता गिरिराज सिंह, आरजेडी के तनवीर हसन और सीपीआई के कन्हैया कुमार के बीच मुख्य मुकाबला है।

दिवंगत अनंत कुमार बेंगलुरु साउथ सीट पर 1996 से लेकर 2014 तक लगातार यहां से सांसद थे। 2014 में उन्होंने इस सीट से नंदन नीलेकणी को हराया था। अनंत की पत्नी तेजस्विनी एयरोस्पेस इंजीनियर हैं।

इस लोकसभा चुनाव में तेलंगाना की निजामाबाद लोकसभा सीट पर बैलेट पेपर के जरिए मतदान होगा। चुनाव आयोग ने राज्य के चुनाव आयोग को वहां मतदान के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।

भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ से अपने सभी सांसदों का टिकट काट दिया है। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने इस राज्य से 10 लोकसभा सीटें जीती थीं। पार्टी ने राज्य की सभी 11 लोकसभा सीटों के लिए कैंडिडेट के नाम का ऐलान कर दिया है। बीजेपी की लिस्ट में किसी पुराने सांसद का नाम नहीं है। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी की करारी हार के बाद पार्टी ने ये कदम उठाया है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक इस साल 2019 के लोकसभा चुनावों में दावेदारी कर सकते हैं। बीजू जनता दल के कुछ नेताओं और ओडिशा के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात के बाद पटनायक ने इसे लेकर संकेत दिए हैं।

23 मई 2019 को गुरुवार है । माननीय प्रधानमंत्री की जन्म कुंडली में वृश्चिक लग्न है अर्थात उन दिनों गोचर में गुरु उनकी लग्न में होंगे क्योंकि जन्म कुंडली में गुरु चतुर्थ केंद्र में हो कर राज्य भाव को अपनी सप्तम पूर्ण दृष्टि से देख रहे हैं अतः वृश्चिक में उनका यह गोचर शुभ है।

(रविवार - 10 मार्च 2019 को) चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। शाम को 5 बजे हुई प्रेस कांफ्रेंस में चुनाव आयोग ने इनकी घोषणा की।

एन. राम ने कहा, "खोजी पत्रकारिता के हिस्से के रूप में हमने जनहित में वह जानकारी प्रकाशित की है, क्योंकि इसे संसद के भीतर व बाहर लगातार मांग के बावजूद दबाकर रखा गया था।"