Madhya Pradesh

दरअसल बुधवार को इंदौर के टाट पट्टी बाखल इलाके में कोरोनावायरस से संदिग्ध एक बुजुर्ग महिला का मेडिकल चेकअप करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की टीम, जिसमें डॉक्टर, नर्स और आशा कार्यकर्ता शामिल थे, लाने आई थी, जिसका वहां के लोगों ने विरोध किया और लोगों ने पथराव कर दिया।

पता चला है कि विदेशों से जमात में 57 लोग आए हुए हैं जो पांच अलग-अलग मस्जिदों में रुके हुए थे। इन सभी की जांच की जा रही है। यह लोग 20 दिनों से मस्जिदों में हैं और इन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।

विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए शिवराज सरकार को 104 के आंकड़े की जरूरत थी। लेकिन बीजेपी ने 112 विधायकों का समर्थन साबित कर दिया। इससे पहले 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद अल्पमत में आने की वजह से कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था।

कमलनाथ सरकार के अल्पमत में होने के चलते इस्तीफा दिए जाने के बाद भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को अपने दल का नेता चुना और चौहान ने सोमवार की रात को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। आज से शुरू हो रहे विधानसभा के सत्र के पहले दिन चौहान को अपनी सरकार के लिए विश्वास मत हासिल करना होगा।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के ठीक बाद ट्वीट कर शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि जिन 22 पूर्व विधायकों ने अपनी पार्टी की सदस्यता त्याग कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है, मैं उन साथियों के प्रति आभार प्रकट करता हूँ और उन्हें धन्यवाद देता हूं।

मध्य प्रदेश के मंदसौर में लॉक डाउन में बेवजह घूमने वालों पर पुलिस ने सख्त कार्यवाही की है। पुलिस ने उनके हाथ में पम्पलेट देकर फोटो खिंचवाई और फिर उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।

मध्यप्रदेश में फ्लोर टेस्ट का आदेश होते ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रतिक्रिया सामने आई है। शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत 'सत्यमेव जयते' लिखकर सुप्रीम आदेश का स्वागत किया। बीजेपी शुरू से ही फ्लोर टेस्ट की मांग कर रही है। उधर कांग्रेस इस बात पर अड़ी हुई थी कि पहले 22 विधायक बंगलुरू से वापिस लाये जाएं।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में 20 मार्च को शाम 5 :30 बजे फ्लोर टेस्ट कराये जाने का आदेश दिया है। जहां विधासभा में कमलनाथ सरकार को बहुत साबित करना है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा है कि कल शाम 5 :30 बजे तक हर हाल में फ्लोर टेस्ट किया जायेगा और इसकी प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी किये जाने का आदेश भी दिया गया है।

मध्यप्रदेश में जमकर जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच 26 मार्च को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान होगा। पर कांग्रेस का गणित विधायकों की बगावत के कारण गड़बड़ा गया है। नौ अप्रैल को राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह, बीजेपी के प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह बेंगलुरु में विधायकों से मुलाकात न कराए जाने पर धरना पर बैठ गए हैं। साथ ही कहा है कि 'विधायकों से गुप्त रूप से नहीं खुलेआम मिलूंगा।