Madhya Pradesh Congress

इससे पहले, पिछले दिनों ही सिंधिया के प्रभाव वाले क्षेत्रों में शामिल श्योपुर, ग्वालियर ग्रामीण, विदिशा, सीहोर, शिवपुरी, गुना शहर, गुना ग्रामीण और होशंगाबाद के अध्यक्ष बदले गए थे।

मध्य प्रदेश कांग्रेस में मची गुटबाजी के पीछे की एक बड़ी वजह चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी की पार्टी में होने वाली वापसी है। चौधरी राकेश सिंह उपनेता प्रतिपक्ष रहे हैं। वे भाजपा में चले गए थे मगर लोकसभा चुनाव के पहले उन्होंने भाजपा छोड़ दी। अब उनकी वापसी एआईसीसी (AICC) के माध्यम से होनी है। 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। मध्य प्रदेश के युवा नेता सिंधिया के इस फैसले से कांग्रेस न सिर्फ संकट में है, बल्कि वो आहत भी है। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी में उन्हें सब कुछ दिया गया, बावजूद इसके सिंधिया ने पाला बदल लिया।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के नए अध्यक्ष और निगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर जारी माथापच्ची के बीच सियासी तूफान खड़ा होने के आसार बनने लगे हैं। इसकी शुरुआत राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इशारों-इशारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला करके कर दी है।

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में भाजपा को चौथी बार सत्ता में आने से रोकने के लिए राहुल गांधी ने कमलनाथ...