Madhya Pradesh

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने गई पुलिस से मारपीट की और बंधक बनाया। 2 घंटे बाद मुश्किल से छोड़ा पुलिसकर्मियों को।

मध्य प्रदेश के इंदौर में सरकारी अमले पर पत्थरबाजी करने वाला पॉजिटिव मरीज जबलपुर के चिकित्सा महाविद्यालय के आईसोलेशन वार्ड से फरार हो गया है।

कोरोनावायरस के संक्रमण के चलते देशव्यापी लॉकडाउन है, जिससे बड़ी संख्या में मध्य प्रदेश के मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं।

कमलनाथ ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "यह जाहिर है कि सबकुछ सामान्य दिखाने के लिए संसद को चलाया गया और जब शिवराज सिंह चौहान ने शपथ ले ली, तो लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई।"

मध्य प्रदेश मे कोरोनावायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है, राज्य के लगभग 40 फीसदी जिलों तक इस बीमारी ने अपनी दस्तक दे दी है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में लगातार दूसरे दिन एक और चिकित्सक की कोरोना वायरस की महामारी के चलते मौत हेा गई है। इस तरह इंदौर में मौत का आंकड़ा 24 हो गया है।

मध्य प्रदेश में कोरोनावायरस की रोकथाम के मद्देजनर प्रदेश सरकार ने राज्य में 'अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून(एस्मा)' लागू करने का फैसला किया है ।

कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के मकसद से इंदौर, भोपाल सहित अन्य प्रमुख शहरों में पूरी तरह लॉकडाउन है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर लॉक डाउन के साथ निषेधाज्ञा 144 लागू है। पुलिस इसका पालन कराने के लिए सक्रिय है। इसी दौरान यह घटनाएं भी सामने आ रही हैं।

शिवराज सिंह ने मध्यप्रदेश के पेंशनरों के खाते में दो माह की रकम ट्रांसफर कर दी है। ये रकम राज्य सरकार की विभिन्न पेंशन योजनाओं के मद में की गई है।

दरअसल बुधवार को इंदौर के टाट पट्टी बाखल इलाके में कोरोनावायरस से संदिग्ध एक बुजुर्ग महिला का मेडिकल चेकअप करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की टीम, जिसमें डॉक्टर, नर्स और आशा कार्यकर्ता शामिल थे, लाने आई थी, जिसका वहां के लोगों ने विरोध किया और लोगों ने पथराव कर दिया।