Maharashtra Election

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले 15 दिनों से जारी गतिरोध आज समाप्त हो गया है। कांग्रेस ने शिवसेना...

शिवसेना विधायकों के साथ बैठक के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमने कुछ ज्यादा नहीं मांगा है। जो पहले तय हुआ था, हमें वह चाहिए। बीजेपी नेताओं से मेरी कोई भी सीधी बात नहीं हुई है। हमारे पास सभी विकल्प हैं, लेकिन हम नहीं चाहते हैं कि उन पर हम विचार करें।

शिवसेना के संजय राउत ने कहा कि राज्यपाल से हमने अपनी बात रखी। राज्यपाल से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार नहीं बनने पर शिवसेना जिम्मेदार नहीं है। शिवसेना सरकार बनाने में कोई अड़चन नहीं डाल रही है।

बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने कहा कि बीजेपी-शिवसेना को जनादेश मिला है। हमारे बीच कोई लड़ाई नहीं है। हम बैठेंगे और मुद्दा सुलझा लेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी-शिवसेना का गठबंधन बालासाहेब ठाकरे और प्रमोद महाजन ने किया था।

बता दें कि 4 नवंबर यानी सोमवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच मुलाकात होगी। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद ही दोनों पार्टियां शिवसेना को लेकर अपना रुख साफ करेंगी।

महाराष्ट्र में शिवसेना ने सरकार बनाना का दावा किया। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि हमारे पास बहुमत का आंकड़ा है। अभी हमारे पास 170 विधायकों का समर्थन है, जो 175 तक पहुंच सकता है।

इसी बीच शिवसेना ने एक बार फिर से भाजपा पर निशाना साधा है और कहा है कि, शिवसेना घुटने नहीं टेकने वाली है। भाजपा को अगर सरकार बनान है तो फिर पैसे, पुलिस और ईडी की धाक से बना ले सरकार।

शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा, 'सेना ने गठबंधन में रहते हुए विधानसभा चुनाव लड़ा था और हम आखिरी वक्त तक गठबंधन धर्म का पालन करेंगे।' उन्होंने कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखने के कदम का भी स्वागत किया है।

शिवसेना ने गुरुवार को अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है, बता दें कि इस बार शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे भी विधायक चुनकर आए हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि शिवसेना का विधायक दल का नेता उन्हें चुना जा सकता है

इस प्लान को जानने के लिए बीजेपी सरकार के 2014 के बहुमत परीक्षण को देखना जरूरी होगा। इस बहुमत परीक्षण में शिवसेना आखिर तक बीजेपी के खिलाफ खड़ी थी लेकिन अंतिम समय में अपरोक्ष रूप से उसे बीजेपी के साथ आना पड़ा था।