Maharashtra Political Crisis

शिवसेना के सांसद संजय राउत ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी से कहा कि वह उन्हें डराने या धमकाने की कोशिश न करें और शिवसेना को अपना राजनीतिक रास्ता चुनने दें। राउत ने मीडिया में कहा, "हम लड़ने और मरने के लिए तैयार हैं, लेकिन धमकी या जबरदस्ती की रणनीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे।"

महाराष्ट्र में जारी सियासी संग्राम अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनने से पहले ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लग गया है। राज्यपाल की सिफारिश को मंगलवार शाम को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति शासन को मंजूरी दी।

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर तस्वीर अबतक स्पष्ट नहीं हो पाई है। मुख्यमंत्री पद के लिए शिवसेना ने भाजपा से अपनी 30 साल पुरानी दोस्ती तोड़ दी। इसके बावजूद भी वह सरकार नहीं बना सकी है। अब राज्यपाल ने सरकार बनाने का न्योता राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को दिया है।

शिवसेना सांसद अरविंद सावंत के केंद्रीय भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री के रूप में पद छोड़ने के एक दिन बाद राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने मंगलवार को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और कैबिनेट मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया।

महाराष्ट्र में तेजी से बदलते इस समीकरण के बाद ट्व‍िटर पर #TumSENAhoPayega ट्रेंड होने लगा। इस पर यूजर्स ने श‍िवसेना की जमकर ख‍िंचाई की और उसका मजाक बनाया।

दरअसल, सोमवार को जब मोदी मंत्रिपरिषद में शामिल शिवसेना के एकमात्र नेता अरविंद सावंत ने इस्तीफा देने का ऐलान किया, तभी साफ हो गया कि अब एनडीए से उद्धव ठाकरे अलग होने का फैसला कर चुके हैं।

महाराष्ट्र में राज्यपाल ने भाजपा-शिवसेना के बाद अब एनसीपी से पूछा है कि क्या उनकी पार्टी सरकार बनाने को तैयार है। सबसे पहले बड़ी पार्टी भाजपा और फिर दूसरी बड़ी पार्टी शिवसेना को इस बारे में पूछा गया था लेकिन भाजपा ने सरकार बनाने से साफ इनकार कर दिया।

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी घमासान के बीच कांग्रेस ने एक बार फिर से शिवसेना को चकमा दिया है। शिवसेना को राज्यपाल की तरफ से 24 घंटे का वक्त दिया गया था। लेकिन आज शाम तक शिवसेना की तरफ से समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को नहीं सौंपी जा सकी।

वैसे महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री के पद को लेकर जैसी उठा-पटक देखने को मिल रही है, ये महाराष्ट्र का चरित्र है। अगर इतिहास के पन्ने पलटें तो मिलेगा कि महाराष्ट्र में हर चुनाव में मुख्यमंत्री पद को लेकर झगड़ा हुआ है। तमाम कोशिशों के बाद अगर कोई मुख्यमंत्री बना थी, तो वह ज्यादा समय तक टिक नहीं सका।

महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर सियासी घमासान जारी है। इस बीच एनसीपी ने शिवसेना का समर्थन करने की बात कही है, हालांकि ऐसा करने से पहले वह कांग्रेस पार्टी के फैसले का इंतजार कर रही है। एनसीपी का कहना है कि कांग्रेस जो भी फैसला करेगी उसके मुताबिक ही वह अपना रुख तय करेगी।