Maharashtra

इस बैठक के बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि दोनों पार्टी के नेताओं के बीच हुई बैठक सकारात्मक रही। इस दौरान महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन खत्म करने पर चर्चा हुई।

अब शरद पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की है और कहा जा रहा है सोनिया गांधी शिवसेना समर्थन वाली सरकार बनाने को तैयार हो गई हैं। एनसीपी के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है।

महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी है। इन सब के बीच शिवसेना के साथ गठबंधन करके सत्ता पर काबिज होने को लेकर एनसीपी और कांग्रेस की तरफ से पत्ते नहीं खोले जा रहे हैं। राष्ट्रपति शासन लगने के बाद से राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य में चुनाव नतीजों के बाद से ही राजनीतिक अस्थिरता का दौर जारी है।

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी सस्पेंस के बीच शिवसेना सांसद संजय राउत का बयान सामने आया है। संजय राउत ने कहा कि अगले पांच-छह दिनों में महाराष्ट्र में मजबूत सरकार का गठन किया जाएगा।

शरद पवार को लेकर उन्होंने कहा कि शरद पवार को समझने में कई जन्म लग जाएंगे। राउत ने कहा कि हम किसानों के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे, ये मुलाकात शरद पवार की अगुवाई में ही होगी।

शिवसेना की ओर से यह संदेश सीधा उद्धव ठाकरे ने दिया है। शिवसेना के संसदीय दल की बैठक में भी इस बात की जानकारी दी गयी है। उधर शिवसेना और एनसीपी-कांग्रेस का मामला अभी भी फंसा हुआ है।

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ गठबंधन को लेकर यू-टर्न ले लिया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और शिवसेना ने साथ चुनाव लड़ा था और उन्हें अपना रास्ता चुनना है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की लालसा में शिवसेना विपक्ष के हाथों का हथियार बन चुकी है। वह एकदम विपक्षी नेताओं की तर्ज पर काम कर रही है। सोमवार से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, बैठक सोनिया गांधी के आवास पर होगी, जिसमें महाराष्ट्र में मंगलवार को राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने पर केंद्रित वार्ता होने की संभावना है।

अब शिवसेना को संसद के अदर से एक झटका लगा है और पहले जहां पक्ष की तरफ बैठने वाली शिवसेना की सीट अब बदल गई है और शिवसेना के सांसद अब विपक्ष की तरफ बैठेंगे।