Mahatma Gandhi

अंग्रेजी सभ्यता प्रभावित विद्वानों ने मान लिया कि हम कभी राष्ट्र नहीं थे। अंग्रेजों ने ही भारत को राष्ट्र बनाया है। लेकिन 20वीं सदी के सबसे बड़े आदमी महात्मा गांधी ने चुनौती दी। उन्होंने 1909 में हिन्द स्वराज में लिखा, “आपको अंग्रेजों ने बताया हे कि भारत एक राष्ट्र नहीं था कि अंग्रेजों ने ही यह राष्ट्र बनाया है। लेकिन यह सरासर झूठ है।

Uttar Pradesh: इतिहासकारों ने भले ही चौरी-चौरा (Chauri Chaura) की घटना को अपने चश्मे से देखते हुए इसको कमतर आंका हो, पर स्थानीय लोगों के लिए तो शहादत देने वाले उनके नायक थे। इसी वजह से पूर्वांचल के लोकगीतों में यह अब भी जिंदा हैं। ये लोकगीत घटना के बाद से अब तक जब भी गाये जाते हैं लोग रोमांचित हो जाते हैं।

Uttar Pradesh: एक अगस्त 1920 को बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु के बाद गांधीजी कांग्रेस के सर्वमान्य नेता बनकर उभरे। स्वदेशी की उनकी अपील का पूरे देश में अप्रत्याशित रूप से प्रभावित हुआ। चरखा और खादी जंगे आजादी के सिंबल बन गये।

Mahatma Gandhi Death Anniversary: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की आज 73वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर पूरा देश बापू को याद कर रहा है। 30 जनवरी को 1948 को नाथूराम गोडसे ने बापू को गोलियों से छलनी कर दिया।

Gandhi Jayanti: राहुल गांधी(Rahul Gandhi) के इस ट्वीट पर ट्विटर(Twitter) यूजर्स ने राहुल का मजाक भी उड़ाया। विकास नाम के एक यूजर ने लिखा कि, "धर्म से पहले अधर्म के आगे नतमस्तक होने वाले आज बातें तो बड़ी बड़ी कर रहे हैं।"

Gandhi Jayanti: देश के राष्ट्रपति(Ramnath Kovind) ने राष्ट्रपिता(Mahatma Gandhi) को श्रद्धांजलि देते हुए अपने ट्वीट में लिखा कि, "गांधी जयंती के दिन, कृतज्ञ राष्ट्र  की ओर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धा-सुमन अर्पित करता हूं।

15 अगस्त के दिन भारत (India) में स्वतंत्रता दिवस (independence day) मनाया जाता है। इसी दिन साल 1947 में देश को ब्रिटिश हुकूमत (British Rule) से आजादी मिली थी। आजादी दिलाने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की अहम भूमिका रही थी।

उन्होंने कहा, "मेरे स्टाफ कर्मचारियों में से एक ने मुझे थमाते हुए कहा कि एक नोट भी है जिसमें लिखा है कि ये चश्मे महात्मा गांधी के चश्मे हैं। मैंने सोचा यह तो दिलचस्प है।"

ब्रिटिश सिक्के पर महात्मा गांधी की तस्वीर का सबसे पहले विचार अक्टूबर 2019 में पूर्व मंत्री साजिद जाविद ने दिया था।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर अभी हमले होने बाकी हैं।