manoj tiwari

मनोज तिवारी ने न्यूजरूम पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा कि, केजरीवाल और उनकी पार्टी धरातल पर नहीं है, मुझे आश्चर्य है कि उन्होंने 70 में 72 सीटें जीतने की बात क्यों नहीं की।

मनोज तिवारी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा, ''39 दिन हो गए शहीन बाग के कारण यातायात ठप्प, लाखों लोग परेशान। बच्चे परीक्षा के समय भी २-२ घंटे सड़कों पे बर्बाद कर रहे हैं। ऑफिस जाने वालों को परेशानी हो रही है। व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी क्या ये जायज हैं?''

राष्ट्रीय राजधानी में सिविल लाइंस स्थित दिल्ली परिवहन विभाग के एक कार्यालय में सोमवार सुबह आग लग गई। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की कम से कम आठ गाड़ियां घटनास्थल के लिए भेजी गई।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 के 70 सीटों के नतीजे पर गौर करें तो आप(आम आदमी पार्टी) को 67 सीटें हासिल हुई थी और उसका वोट प्रतिशत 54.30% रहा था।

प्रेस कांफ्रेंस में मनोज तिवारी ने कहा कि हम लोग केंद्र सरकार द्वारा किए गए कामों को दिल्ली के घर घर तक पहुंचाएंगे। पॉजिटिव एजेंडा के तहत हम चुनाव लड़ेंगे और जो हमारी यह लिस्ट है 57 लोगों की वह विजेताओं की लिस्ट है।

भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक गुरुवार देर रात आयोजित की गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी शामिल हुए। लेकिन बैठक के बाद भी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए किसी भी उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की जा सकी है।

भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा है कि भाजपा अगले पांच साल में केजरीवाल सरकार से पांच गुना ज्यादा दिल्ली की जनता को नहीं दे पाई तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। मनोज तिवारी ने यह ऐलान मंगलवार को आईएएनएस को दिए साक्षात्कार के दौरान किया।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। इसमें पार्टी की तरफ से सभी 70 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया गया है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आर रही है वैसे-वैसे ही चुनावी सरगर्मी भी तेज होती जा रही है। इसी बीच आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच एक वीडियो वॉर जारी है।

दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी अरविंद केजरीवाल पर मानहानि का दावा ठोकने जा रहे हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी के एक विज्ञापन में अपनी तस्वीरों और वीडियो के गलत इस्तेमाल के चलते यह फैसला लिया है।