Mark Zuckerberg

ट्रंप ने इस ट्वीट के जरिए फेसबुक पर नंबर 1 और 2 वाले मार्क जुकरबर्ग के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत दौरे को लेकर भी बड़ा बयान दिया है।

जहां ट्विटर और स्नैपचैट ने अपने प्लेटफॉर्म्स पर राजनीतिक विज्ञापनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। ट्विटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने तो हर प्रकार के राजनीतिक विज्ञापन पर प्रतिबंध लगा दिया है, वहीं फेसबुक ने कोई निर्णय नहीं लिया है और इसका कारण है अरबपति निवेशक और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक पीटर थील, जिन्होंने फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को सलाह दी है।

सोमवार को एक रिपोर्ट में कहा कि फेसबुक के ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) के उपाध्यक्ष एंड्रयू बॉसवर्थ ने पुष्टि की कि कंपनी के पास पोर्टल से संबंधित चीजें अनावरण करने के लिए बहुत कुछ हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि नियामक फेसबुक को बताएगा कि किस प्रकार वह धनशोधन रोकने के उपाय लागू करेगी और 'अपने ग्राहक को जाने' (केवाईसी) को लेकर कदम उठाएगी।

फेसबुक ने पिछले साल सितंबर में एक सुरक्षा खामी के कारण यह फीचर हटा दिया था जिसकी सहायता से एक हैकर इस फीचर की सहायता से लगभग पांच करोड़ अकाउंट्स के टोकन चुरा लिए थे। 

मुझे लगता है कि अगर आप लोकतंत्र और चुनावों की चिंता करते हैं तो हमारी जैसी कंपनी को प्रतिवर्ष अरबों डॉलर का निवेश करने में सक्षम होना होगा, जैसे हम चुनावी दखल से निपटने के लिए आधुनिक औजार बनाने में प्रयासरत हैं।"

फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग ने 24 अप्रैल को घोषणा की थी कि कंपनी भारत में व्हाट्सएप पे लॉन्च करने के लिए तेजी से काम कर रही है।

कंपनी ने रूस से संचालित 21 फेसबुक अकाउंट, पेज और इंस्टाग्राम अकाउंट भी हटा दिए जो ऑस्ट्रिया, बाल्टिक देशों, जर्मनी, स्पेन, यूक्रेन और इंग्लैंड पर ध्यान देते थे। अभियान चलाने वाले लोग आव्रजन, धार्मिक मुद्दे और नाटो से संबंधित स्थानीय राजनीति से संबंधित कंटेंट पोस्ट करते थे।

फेसबुक ने मार्क जुकरबर्ग की निजी सुरक्षा पर पिछले साल करीब 2 करोड़ डॉलर खर्च किया है। यह रकम 2016 में खर्च किए रकम के चार गुना से ज्यादा है।

अमेरिका के संघीय अभियोजक अब यह जांच कर रहे हैं कि क्या डेटा मामले में फंसे फेसबुक के शीर्ष अधिकारियों को ब्रिटिश राजनीतिक कंसल्टिंग कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका की डेटा चोरी की जानकारी थी।