Mark Zuckerberg

फेसबुक ने पिछले साल सितंबर में एक सुरक्षा खामी के कारण यह फीचर हटा दिया था जिसकी सहायता से एक हैकर इस फीचर की सहायता से लगभग पांच करोड़ अकाउंट्स के टोकन चुरा लिए थे। 

मुझे लगता है कि अगर आप लोकतंत्र और चुनावों की चिंता करते हैं तो हमारी जैसी कंपनी को प्रतिवर्ष अरबों डॉलर का निवेश करने में सक्षम होना होगा, जैसे हम चुनावी दखल से निपटने के लिए आधुनिक औजार बनाने में प्रयासरत हैं।"

फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग ने 24 अप्रैल को घोषणा की थी कि कंपनी भारत में व्हाट्सएप पे लॉन्च करने के लिए तेजी से काम कर रही है।

कंपनी ने रूस से संचालित 21 फेसबुक अकाउंट, पेज और इंस्टाग्राम अकाउंट भी हटा दिए जो ऑस्ट्रिया, बाल्टिक देशों, जर्मनी, स्पेन, यूक्रेन और इंग्लैंड पर ध्यान देते थे। अभियान चलाने वाले लोग आव्रजन, धार्मिक मुद्दे और नाटो से संबंधित स्थानीय राजनीति से संबंधित कंटेंट पोस्ट करते थे।

फेसबुक ने मार्क जुकरबर्ग की निजी सुरक्षा पर पिछले साल करीब 2 करोड़ डॉलर खर्च किया है। यह रकम 2016 में खर्च किए रकम के चार गुना से ज्यादा है।

अमेरिका के संघीय अभियोजक अब यह जांच कर रहे हैं कि क्या डेटा मामले में फंसे फेसबुक के शीर्ष अधिकारियों को ब्रिटिश राजनीतिक कंसल्टिंग कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका की डेटा चोरी की जानकारी थी।

इस परेशानी को देखते हुए फेसबुक की तरफ से एक ट्वीट किया जिसमें 'सर्वर में कुछ दिक्कतें हैं, जिन्हें ठीक करने की लगातार कोशिश रही है' की बात कही गई।

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