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Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) लगातार प्रदेश में कोरोनावायरस (coronavirus) से लड़ने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए अलग-अलग तरह के सुझाव देते रहते हैं।

Covid kits procurement in UP: इस पूरे मामले की पोल जिस सोशल एंड पॉलिटिकल रिसर्च फांउडेशन (SOCIAL & POLITICAL RESEARCH FOUNDATION) ने खोली है उस पर भरोसा इसलिए भी ज्यादा बढ़ जाता है क्योंकि पद्म श्री राम बहादुर राय (Ram Bahadur Rai) दशकों के अनुभव के साथ इस क्षेत्र में कार्यरत रहे हैं। जनसत्ता के समाचार संपादक के रूप में कार्य करने के बाद, उन्होंने कई पुस्तकों का लेखन और संपादन भी किया है और कई लेखकों के साथ उनके मेंटोर के तौर पर भी जुड़े रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्रियों चंद्रशेखर और वीपी सिंह पर उनकी आत्मकथाएं बहुत हिट रहीं। आपातकाल के दौरान वह जेपी आंदोलन से निकटता से जुड़े थे और संचालन समिति के प्रमुख सदस्य थे। अब इस पूरे मामले पर उनका खुलासा आम आदमी पार्टी सरकार की नींद उड़ाने के लिए काफी है।

दिल्ली में कोरोनावायरस का कोहराम जारी है। 40 हजार के करीब यहां मामले पहुंच गए हैं। प्रतिदिन अब 2 हजार के करीब नए संक्रमित लोग सामने आ रहे हैं।

स्किल मैपिंग से हुनरमंद कामगारों को उनके मुताबिक काम मिल सकेगा। इसके लिए योगी सरकार अभी तक लगभग 32 लाख से अधिक श्रमिकों व कामगारों की स्किल मैंपिंग करा चुकी है।

केंद्र सरकार द्वारा कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य किया गया है। इसी के सिलसिले में सत्यवीर कटारा ने एक जून को 4वीं बटालियन के कार्यालयों और शाखाओं का दौरा किया था।

इसको लेकर सरकारी प्राधिकरण ने एक ट्वीट कर कहा है कि, ‘घरेलू उड़ानों को जल्द संचालित करने की संभावना को देखते हुए एएआई ने कुछ उपाय जारी किए हैं जिसका यात्रा करते समय सभी यात्रियों को पालन करना होगा।’

कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में मास्क और हैंड सैनेटाइजर की अहम भूमिका है। हैंड सैनेटाइजर की मांग में एकदम इजाफा होगा। इसलिए, सरकार ने बड़ी संख्या में कंपनियों को हैंड सैनेटाइजर बनाने के लाइसेंस जारी किए हैं।

कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए राज्य और केंद्र सरकार लगातार एहतियाती कदम उठा रही है। इस बीच मास्क और सेनिटाइजर की कमी को देखते हुए सरकार अब बिहार रूरल लाइवलिहुड प्रोजेक्ट(जीविका) के तहत महिलाओं द्वारा मास्क तैयार करवाने की योजना बनाई है।

दिल्ली सरकार ने केंद्र से कई बार वायु प्रदूषण के खिलाफ कदम उठाने का आग्रह किया, क्योंकि उसने इसके लिए पड़ोसी राज्यों में पराली जलाए जाने को जिम्मेदार ठहराया है।

एम्स में नेत्र रोग विशेषज्ञ के शिक्षक राजेश सिन्हा ने कहा, "बढ़ते प्रदूषण के कारण सूखी आंख और नेत्र संबंधी एलर्जी की घटनाओं में वृद्धि हुई है।