Maulana Saad

भले ही दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच दो महीने बाद भी निजामुद्दीन मरकज तबलीगी कांड के मुख्य आरोपी मौलाना मो. साद पर हाथ नहीं डाल पायी हो, मगर वो अदालत में चार्जशीटें धुंआधार तरीके से भरने में लगी है। अब आज यानि गुरुवार को दिल्ली पुलिस 12 और नई चार्जशीट दाखिल करने जा रही है।

मौलाना साद फरार है। क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में साद और उससे जुड़े लोगों के उत्तर प्रदेश में कुछ बैंक खातों का पता लगा है। 7 के करीब इन बैंक खातों को भी फ़्रीज़ कर दिया गया है। जांच में अब तक क्राइम ब्रांच को मरकज और उससे जुड़े लोगों के 32 बैंक खातों का पता लग चुका है।

पांचों पुलिसकर्मी जांच टीम का हिस्सा थे और जांच के लिए मरकज में गए थे। वहीं तबलीगी जमात के मौलाना साद को क्राइम ब्रांच ने एक बार फिर अपना करोना टेस्ट एम्स में करवाने के लिए कहा है।

बता दें कि अभी हाल में ही तबलीगी मरकज के प्रमुख साद के अधिवक्ता ने दावा किया था कि मौलाना ने निजी और सरकारी लैब से कोरोना की जांच कराई है। सभी रिपोर्ट नेगेटिव आई हैं। वकील ने यह भी दावा किया था कि जांच रिपोर्ट क्राइम ब्रांच को भी सौंप दी गई है। 

कोरोना संक्रमण के बीच निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम का आयोजन करवाने के बाद चर्चा में आए मौलाना साद की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं।

तबलीगी जमात प्रमुख मौलाना साद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। कभी उससे जुड़े खुलासे हो रहे हैं तो कभी उसके रिश्तेदार कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं।

तबलीगी जमात के मुखिया मौलाना साद के खिलाफ दिल्ली पुलिस को एक के बाद दूसरे अहम तथ्य और गवाह मिलते जा रहे हैं। ऐसा ही एक गवाह अमानतुल्लाह चौधरी है। वह तबलीगी जमात की वर्किंग कमिटी का पूर्व सदस्य है।

तबलीगी जमात के मुखिया मौलाना साद ने वकील के माध्यम से कहा था कि वह दिल्ली पुलिस के साथ सहयोग करना चाहता है।

पुलिस तबलीगी जमात को विदेशों से भेजी जाने वाली राशि का पता लगाने के लिए इनकी भूमिका की जांच कर रही है।

बुधवार को भी क्राइम ब्रांच की टीम एक बार फिर से मरकज के अंदर दाखिल हुई और एक बार फिरसे पूरे मरकज की तलाशी ली गई।