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लोकसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी तकरार लगातार जारी है। वहीं इन सबके बीच सुप्रीमो मायवाती ने ट्वीट कर समाजवादी पार्टी के साथ अपना गठबंधन आधिकारिक रूप से खत्म कर लिया है।  

मायावती ने कहा है कि अखिलेश ने मुझे संदेश भिजवाया कि मुसलमानों को ज्यादा टिकट नहीं दूं। इसके पीछे धार्मिक आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण होने का तर्क दिया गया। हालांकि मैंने उनकी बात नहीं मानी।

सभी पदाधिकारियों से कहा गया कि विधानसभा के उपचुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर मजबूती से काम करें। संगठन लेवल की बैठक में सुप्रीमो मायावती ने इसको लेकर खास निर्देश जारी किए।

लोकसभा 2019 चुनावों में सपा के साथ गठबंधन में उम्मीद के मुताबिक सफलता ना मिलने पर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमों मायावती आज(23 जून) को बैठक करके पार्टी में बड़ा उलटफेर कर सकती हैं।

मायावती ने लिखा, बिजली की दरों में भारी वृद्धि की तैयारी कर प्रदेश की त्रस्त जनता व गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले (बीपीएल) परिवारों को भी तेज झटका देने की सरकारी तैयारी घोर निंदनीय है।

सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ टिप्पणी को लेकर गिरफ्तारियों का दौर जारी है। इसकी शुरुआत पत्रकार प्रशांत कन्नौजिया की गिरफ्तारी से हुई।

मायावती ने अलीगढ़ की वारदात की निंदा करते हुए कहा, "अलीगढ़ में दो साल की मासूम बच्ची के साथ नृशंस व्यवहार एवं हत्या अति-शर्मनाक व दु:खद है। उप्र सरकार तुरंत कानून का राज स्थापित करने के लिए सख्त कार्रवाई कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजे।"

अखिलेश आज यहां ऐशबाग स्थित ईदगाह पर लोगों को मुबारकबाद देने पहुंचे थे। उन्होंने कहा, "जब आप कुछ नया करते हैं तो भले ही सफलता न मिले, लेकिन काफी कुछ सीखने को मिलता है। यह जरूरी नहीं कि हर प्रयोग सफल हो।"

मायावती के सपा और अखिलेश यादव को लेकर दिए गए बयान के बाद अब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव बुआ शब्द से भी चिढ़ने लगे हैं। जब पत्रकारों ने 'बुआ' शब्द का इस्तेमाल किया तो अखिलेश ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पत्रकार होने के नाते आप लोगों को ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

गठबंधन पर मायावती ने कहा-सपा में बदलाव हुए तो फिर साथ आएंगे नहीं तो अकेले लडेंगे