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वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपचुनाव की एक एक सीट पर जीत दर्ज करने की खातिर जी जान से जुट गए हैं।

मायावती ने ट्विटर पर कहा, "भाजपा एक बार फिर कर्नाटक व गोवा में जिस प्रकार से अपने धनबल व सत्ता का घोर दुरुपयोग करके विधायकों को तोड़ने का काम कर रही है वह देश के लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है। वैसे अब समय आ गया है जब देश में दल-बदल करने वालों की सदस्यता समाप्त करने वाला सख्त कानून बने।"

मायावती का सबसे बड़ा फोकस अपने दलित वोट बैंक को वापिस खींचना है। वे अब खांटी दलित राजनीति की दिशा में लौटने की कवायद में हैं।

मायावती ने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यदि ऐसा करना ही है, तो पहले अनुसूचित जाति का कोटा बढ़ाया जाए, जिससे कि कोटे में शामिल हुईं 17 नई ओबीसी जातियों को इसका लाभ मिल सके। लेकिन ऐसा नहीं किया गया है इसलिए यह पूरी तरह से असंवैधानिक है। सिर्फ उपचुनाव में फायदा लेने के लिए प्रदेश सरकार ऐसा कर रही है।"

चंद्रशेखर ने यहां पत्रकारों से कहा कि मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन तोड़कर बहुजन आंदोलन को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा, "यह फैसला उन कमजोर वर्ग के लोगों के पक्ष में नहीं है, जिन्हें इस गठबंधन से मजबूती मिली थी।"

लोकसभा चुनाव 2019 में सपा-बसपा ने एकसाथ मिलकर मोदी के विजय रथ को रोकने की कोशिश की लेकिन नाकामयाब हुए। नतीजे आए तो चुनाव पूर्व गठबंधन पर फूले नहीं समा रहे अखिलेश-मायावती को निराशा हाथ लगी।

चुनाव खत्म होते ही बसपा ने सपा से अलग होने का फैसला कर लिया है। बसपा का आरोप है कि सपा के परंपरागत वोट बसपा के उम्मीदवार को ट्रांसफर नहीं हुए। हालांकि कि ये अलग बात है कि बसपा ने सपा का सहारा लेकर अपनी झोली में 10 सीट डाल ली।

लोकसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी तकरार लगातार जारी है। वहीं इन सबके बीच सुप्रीमो मायवाती ने ट्वीट कर समाजवादी पार्टी के साथ अपना गठबंधन आधिकारिक रूप से खत्म कर लिया है।  

मायावती ने कहा है कि अखिलेश ने मुझे संदेश भिजवाया कि मुसलमानों को ज्यादा टिकट नहीं दूं। इसके पीछे धार्मिक आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण होने का तर्क दिया गया। हालांकि मैंने उनकी बात नहीं मानी।

सभी पदाधिकारियों से कहा गया कि विधानसभा के उपचुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर मजबूती से काम करें। संगठन लेवल की बैठक में सुप्रीमो मायावती ने इसको लेकर खास निर्देश जारी किए।