Ministry of Home Affairs (MHA)

देश भर में कोरोनावायरस (Coronavirus In India) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। इस बीच केंद्र सरकार अनलॉक-4 (Unlock-4) लागू करने की तैयारी में है।

इन 121 पुलिसकर्मियों में 15 सीबीआई से, 10 मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस से, आठ उत्तर प्रदेश पुलिस से, सात केरल और पश्चिम बंगाल पुलिस से, और शेष अन्य राज्य / केंद्र शासित प्रदेशों से हैं।

गृह मंत्रालय ने बताया कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ व्यापक चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान 31 अगस्त तक बंद रहेंगे।

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने एक आधिकारिक आदेश के माध्यम से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासन को निर्देश जारी किया कि फंसे हुए श्रमिकों के घर लौटते समय बड़े स्तर पर उनकी आवाजाही से नोवेल कोरोनावायरस संक्रमण का डर बना हुआ है। इसलिए पर्याप्त उपायों की जरूरत है।

इस प्रोटोकॉल के मुताबिक ट्रेनों का स्टॉपेज और डेस्टिनेशन दोनों ही राज्यों से सलाह मशवरा कर तय किया जाएगा। ट्रेनों में एंट्री, टिकट और कोच के भीतर मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में रेल मंत्रालय विस्तृत जानकारी सभी को देगा।  राज्य सुनिश्चित करेंगे कि सभी यात्रियों की उचित तरीके से स्क्रीनिंग की जाए।

गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद राज्य हरकत में आए हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि राज्य सरकार 115 और ट्रेनों की व्यवस्था करने का प्रयास करेगी। राज्य सरकार ट्रेन का किराया देगी। इसके साथ ही ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य में 31 मई तक कोरोना के चलते लॉकडाउन को बढ़ाया गया है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार सुबह ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। अमित शाह ने ट्वीट में लिखा, 'देश के कई हिस्सों में चक्रवात की बढ़ती चिंता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम चार बजे गृह मंत्रालय और एनडीएमए के साथ बड़ी बैठक करेंगे।'

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और गृह मंत्रालय ने साथ की गई प्रेस कांफ्रेंस में इस आशय का ऐलान किया। इसके साथ ही एहतियातन कई जरूरी सावधानियां भी घोषित की गईं। गृह मंत्रालय की संयुक्‍त सचिव पुण्‍य सलिला श्रीवास्‍तव ने कहा कि विवाह या शवयात्रा में शामिल होने वाले लोगों की अधिकतम संख्या तय कर दी गई है।

गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेश अपने यहां फंसे लोगों को उनके गृह राज्यों में भेजने और दूसरी जगहों से अपने-अपना नागरिकों को लाने के लिए स्टैंडर्ड प्रॉटोकॉल तैयार करें।

गौरतलब है कि 20 अप्रैल से सरकार ने ई कॉमर्स कंपनियों को काम शुरू करने की इजाजत दी थी। लेकिन यह भी कहा था कि समान की डिलीवरी के लिए वाहनों के लिए जरूरी मंजूरी लेनी होगी।