Ministry of Railways

रेलवे ने बताया है कि इन 44 सेमी हाईस्पीड ट्रेन सेट का टेंडर 10 जुलाई को खोला जाएगा। रेलवे ने यह भी साफ किया है कि इस टेंडर की तारीख को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

सिर्फ 5 फीसदी अतिरिक्त ट्रेनों का ही परिचालन प्राइवेट ऑपरेटर्स को दिया जा रहा है। बाकी 95 ट्रेनों का परिचालन रेलवे करेगा।

रेल मंत्रालय की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि बिहार के जमालपुर से ईरिमी को उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थानांतरित करने की कोई योजना नहीं है।

हालांकि यह भी कहा गया है कि राज्य सरकारों द्वारा किये गए अनुरोध और गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के आधार पर विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य व्यक्तियों की आवाजाही के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलायी जायेंगी।

रेल मंत्रालय ने 13 लाख से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन-भत्ते में कटौती करने की योजना बनाई है।

अगर कैग के इस आंकडे़ को आसान भाषा में समझें तो  रेलवे 98 रुपये 44 पैसे लगाकर सिर्फ 100 रुपये की कमाई कर रही है। यानी कि रेलवे को सिर्फ एक रुपये 56 पैसे का मुनाफा हो रहा है जो व्यापारिक नजरिए से सबसे बुरी स्थिति है।