Modi govt

राहुल ने कहा, 'कोरोना संकट और चीन के साथ बिगड़ते हालात के बीच सरकार ने आम आदमी को अपने हालात पर छोड़ दिया है। इसमें कहा गया कि लोगों के पास रोज़गार नहीं है और केंद्र सरकार 21 दिनों से हर रोज दाम बढ़ाए जा रही है।'

केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने आर्थिक सुधार की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा एक बड़ा कदम उठाए जाने के अंतर्गत जुलाई के पहले सप्ताह से जीएसटी करदाताओं के लिए जीएसटीआर-1 फॉर्म में निल जीएसटी को एसएमएस से दाखिल किए जाने की सुविधा शुरू करने की जानकारी दी है व इससे लाखों करदाताओं को बड़ी राहत मिलने की बात कही है।

आयुष्मान भारत योजना को केंद्र सरकार ने 21 मार्च 2018 को मंजूरी दी थी और इसकी शुरुआत 30 अप्रैल 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में की थी।

इस बैठक में केंद्र सरकार की ओर से घोषित आर्थिक सुधारों की समीक्षा भी होगी। सूत्रों ने बताया कि कोरोना के संकट से जूझते हर वर्ग को मिले राहत पैकेज की समीक्षा और आर्थिक सुधारों का क्रियान्वयन इस मीटिंग का एजेंडा है।

वित्तमंत्री ने कहा कि देश क्रे 1.87 लाख ग्राम पंचायतों में 2.33 करोड़ श्रमिकों को काम मिला है और मनरेगा के तहत 13 मई तक 14.6 करोड़ मानव कार्य दिवस दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि अब तक मनरेगा के तहत 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। साथ ही, उनकी मजदूरी भी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये प्रति प्रति कार्य दिवस कर दिया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदन ने मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर यह सूचित किया है। उन्होंने कहा कि डबलिंग अवधि बढ़ने और रिकवरी रेट बेहतर होने के चलते यह निर्णय लिया गया है। गुरुवार को कैबिनेट सचिव ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा की थी। देश में अभी 130 जिले रेड जोन में, 284 आरेंज और 319 ग्रीन जोन में हैं।

अधीर रंजन चौधरी ने कहा है के कोरोना से लड़ने के लिए केंद्र,राज्य सरकार और डॉक्टरों ने अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही कारगर कदम जारी रहे तो भारत ग्लोबल लीडर बन सकता है।

बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को ट्विटर पर 2 मिनट 18 सेकंड का एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो संदेश में मनमोहन सिंह, पार्टी पूर्व प्रमुख राहुल गांधी, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और कई अन्य शीर्ष नेताओं ने सरकार के फैसले पर निशाना साधा।

इससे पहले बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस अध्यादेश को मंजूरी दी थी। जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को संज्ञेय और गैर जमानती अपराध बनाया गया है। अध्यादेश में स्वास्थ्यकर्मियों के घायल होने, सम्पत्ति को नुकसान होने पर मुआवजे का भी प्रावधान किया गया है।

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कई जगह डॉक्टरों के खिलाफ हमले की जानकारी आ रही हैं, सरकार इन्हें बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार इसके लिए एक अध्यादेश लाई है। जिसके तहत कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।